व्रत और त्योहार — दिसंबर 1965

सुरत, Sūrat, Gujarat, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
04-12-1965
शनिवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
त्योहार गीता जयंतीव्रत मोक्षदा एकादशी
06-12-1965
सोमवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत सोम प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
08-12-1965
बुधवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत पूर्णिमा
11-12-1965
शनिवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
15-12-1965
बुधवार
अष्टमी, कृष्ण पक्ष
पौष
संक्रांति धनु संक्रांति · 19:04
18-12-1965
शनिवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत सफला एकादशी
20-12-1965
सोमवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत सोम प्रदोष व्रत · प्रदोष काल मेंव्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
22-12-1965
बुधवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत अमावस्या
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-12-1965 अष्टमी शतभिषा 06:59 17:56
02-12-1965 नवमी पूर्वा भाद्रपद 06:59 17:56
03-12-1965 दशमी उत्तरा भाद्रपद 07:00 17:56
04-12-1965 एकादशी रेवती 07:00 17:56
05-12-1965 द्वादशी अश्विनी 07:01 17:56
06-12-1965 त्रयोदशी भरणी 07:02 17:56
07-12-1965 चतुर्दशी कृत्तिका 07:02 17:57
08-12-1965 पूर्णिमा रोहिणी 07:03 17:57
09-12-1965 प्रतिपदा मृगशिरा 07:04 17:57
10-12-1965 द्वितीया आर्द्रा 07:04 17:57
11-12-1965 तृतीया पुनर्वसु 07:05 17:58
12-12-1965 चतुर्थी पुष्य 07:06 17:58
13-12-1965 पंचमी आश्लेषा 07:06 17:58
14-12-1965 सप्तमी मघा 07:07 17:59
15-12-1965 अष्टमी पूर्वा फाल्गुनी 07:07 17:59
16-12-1965 नवमी उत्तरा फाल्गुनी 07:08 17:59
17-12-1965 दशमी हस्त 07:08 18:00
18-12-1965 एकादशी चित्रा 07:09 18:00
19-12-1965 द्वादशी स्वाति 07:10 18:01
20-12-1965 त्रयोदशी विशाखा 07:10 18:01
21-12-1965 चतुर्दशी अनुराधा 07:11 18:02
22-12-1965 अमावस्या ज्येष्ठा 07:11 18:02
23-12-1965 प्रतिपदा मूल 07:12 18:03
24-12-1965 द्वितीया पूर्वाषाढ़ा 07:12 18:03
25-12-1965 तृतीया उत्तराषाढ़ा 07:13 18:04
26-12-1965 तृतीया श्रवण 07:13 18:04
27-12-1965 चतुर्थी धनिष्ठा 07:13 18:05
28-12-1965 पंचमी शतभिषा 07:14 18:06
29-12-1965 षष्ठी पूर्वा भाद्रपद 07:14 18:06
30-12-1965 सप्तमी उत्तरा भाद्रपद 07:15 18:07
31-12-1965 अष्टमी उत्तरा भाद्रपद 07:15 18:07

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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