व्रत और त्योहार — जनवरी 1998

सुरत, Sūrat, Gujarat, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
08-01-1998
गुरुवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत पौष पुत्रदा एकादशी
10-01-1998
शनिवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत शनि प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
12-01-1998
सोमवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत पूर्णिमा
14-01-1998
बुधवार
द्वितीया, कृष्ण पक्ष
माघ
संक्रांति मकर संक्रांति · 10:46
16-01-1998
शुक्रवार
चतुर्थी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
24-01-1998
शनिवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत षटतिला एकादशी
25-01-1998
रविवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
26-01-1998
सोमवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
28-01-1998
बुधवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत अमावस्या
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-01-1998 तृतीया श्रवण 07:15 18:08
02-01-1998 चतुर्थी धनिष्ठा 07:16 18:09
03-01-1998 पंचमी शतभिषा 07:16 18:09
04-01-1998 षष्ठी पूर्वा भाद्रपद 07:16 18:10
05-01-1998 सप्तमी उत्तरा भाद्रपद 07:16 18:11
06-01-1998 नवमी रेवती 07:17 18:11
07-01-1998 दशमी अश्विनी 07:17 18:12
08-01-1998 एकादशी भरणी 07:17 18:13
09-01-1998 द्वादशी कृत्तिका 07:17 18:13
10-01-1998 त्रयोदशी रोहिणी 07:17 18:14
11-01-1998 चतुर्दशी आर्द्रा 07:18 18:15
12-01-1998 पूर्णिमा पुनर्वसु 07:18 18:15
13-01-1998 प्रतिपदा पुनर्वसु 07:18 18:16
14-01-1998 द्वितीया पुष्य 07:18 18:17
15-01-1998 तृतीया आश्लेषा 07:18 18:17
16-01-1998 चतुर्थी मघा 07:18 18:18
17-01-1998 पंचमी पूर्वा फाल्गुनी 07:18 18:19
18-01-1998 षष्ठी उत्तरा फाल्गुनी 07:18 18:19
19-01-1998 षष्ठी हस्त 07:18 18:20
20-01-1998 सप्तमी चित्रा 07:18 18:21
21-01-1998 अष्टमी स्वाति 07:18 18:21
22-01-1998 नवमी विशाखा 07:18 18:22
23-01-1998 दशमी अनुराधा 07:17 18:23
24-01-1998 एकादशी ज्येष्ठा 07:17 18:23
25-01-1998 द्वादशी मूल 07:17 18:24
26-01-1998 त्रयोदशी पूर्वाषाढ़ा 07:17 18:25
27-01-1998 चतुर्दशी उत्तराषाढ़ा 07:17 18:25
28-01-1998 अमावस्या श्रवण 07:16 18:26
29-01-1998 प्रतिपदा धनिष्ठा 07:16 18:27
30-01-1998 तृतीया शतभिषा 07:16 18:27
31-01-1998 चतुर्थी पूर्वा भाद्रपद 07:16 18:28

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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