व्रत और त्योहार — जनवरी 2002

सुरत, Sūrat, Gujarat, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
02-01-2002
बुधवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
09-01-2002
बुधवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत सफला एकादशी
10-01-2002
गुरुवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
11-01-2002
शुक्रवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
13-01-2002
रविवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत अमावस्या
14-01-2002
सोमवार
प्रतिपदा, शुक्ल पक्ष
पौष
संक्रांति मकर संक्रांति · 11:20
25-01-2002
शुक्रवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत पौष पुत्रदा एकादशी
26-01-2002
शनिवार
द्वादशी, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत शनि प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
31-01-2002
गुरुवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-01-2002 द्वितीया पुष्य 07:15 18:08
02-01-2002 तृतीया आश्लेषा 07:16 18:09
03-01-2002 पंचमी मघा 07:16 18:09
04-01-2002 षष्ठी पूर्वा फाल्गुनी 07:16 18:10
05-01-2002 सप्तमी उत्तरा फाल्गुनी 07:16 18:11
06-01-2002 अष्टमी हस्त 07:17 18:11
07-01-2002 नवमी चित्रा 07:17 18:12
08-01-2002 दशमी स्वाति 07:17 18:13
09-01-2002 एकादशी विशाखा 07:17 18:13
10-01-2002 द्वादशी अनुराधा 07:17 18:14
11-01-2002 त्रयोदशी ज्येष्ठा 07:18 18:15
12-01-2002 चतुर्दशी मूल 07:18 18:15
13-01-2002 अमावस्या पूर्वाषाढ़ा 07:18 18:16
14-01-2002 प्रतिपदा उत्तराषाढ़ा 07:18 18:17
15-01-2002 द्वितीया श्रवण 07:18 18:17
16-01-2002 तृतीया धनिष्ठा 07:18 18:18
17-01-2002 चतुर्थी शतभिषा 07:18 18:19
18-01-2002 पंचमी पूर्वा भाद्रपद 07:18 18:19
19-01-2002 षष्ठी उत्तरा भाद्रपद 07:18 18:20
20-01-2002 षष्ठी रेवती 07:18 18:21
21-01-2002 सप्तमी रेवती 07:18 18:21
22-01-2002 अष्टमी अश्विनी 07:18 18:22
23-01-2002 नवमी भरणी 07:17 18:23
24-01-2002 दशमी कृत्तिका 07:17 18:23
25-01-2002 एकादशी रोहिणी 07:17 18:24
26-01-2002 द्वादशी मृगशिरा 07:17 18:25
27-01-2002 त्रयोदशी आर्द्रा 07:17 18:25
28-01-2002 चतुर्दशी पुनर्वसु 07:16 18:26
29-01-2002 प्रतिपदा आश्लेषा 07:16 18:27
30-01-2002 द्वितीया मघा 07:16 18:27
31-01-2002 तृतीया पूर्वा फाल्गुनी 07:16 18:28

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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