व्रत और त्योहार — जून 1962

वड़ोदरा, Vadodara, Gujarat, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
02-06-1962
शनिवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
ज्येष्ठ
त्योहार वट सावित्री व्रत · शनि जयंतीव्रत अमावस्या
12-06-1962
मंगलवार
दशमी, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ
त्योहार गंगा दशहरा
13-06-1962
बुधवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत निर्जला एकादशी
15-06-1962
शुक्रवार
द्वादशी, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल मेंसंक्रांति मिथुन संक्रांति · 03:07
18-06-1962
सोमवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत पूर्णिमा
21-06-1962
गुरुवार
चतुर्थी, कृष्ण पक्ष
आषाढ़
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
28-06-1962
गुरुवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
आषाढ़
व्रत योगिनी एकादशी
29-06-1962
शुक्रवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
आषाढ़
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
30-06-1962
शनिवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
आषाढ़
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-06-1962 चतुर्दशी भरणी 05:52 19:17
02-06-1962 अमावस्या रोहिणी 05:52 19:17
03-06-1962 प्रतिपदा मृगशिरा 05:52 19:18
04-06-1962 द्वितीया आर्द्रा 05:52 19:18
05-06-1962 तृतीया पुनर्वसु 05:52 19:18
06-06-1962 चतुर्थी पुष्य 05:52 19:19
07-06-1962 पंचमी पुष्य 05:52 19:19
08-06-1962 षष्ठी आश्लेषा 05:52 19:19
09-06-1962 सप्तमी मघा 05:52 19:20
10-06-1962 अष्टमी पूर्वा फाल्गुनी 05:52 19:20
11-06-1962 नवमी उत्तरा फाल्गुनी 05:52 19:21
12-06-1962 दशमी हस्त 05:52 19:21
13-06-1962 एकादशी चित्रा 05:52 19:21
14-06-1962 एकादशी स्वाति 05:52 19:22
15-06-1962 द्वादशी विशाखा 05:52 19:22
16-06-1962 त्रयोदशी अनुराधा 05:52 19:22
17-06-1962 चतुर्दशी ज्येष्ठा 05:52 19:22
18-06-1962 पूर्णिमा मूल 05:52 19:23
19-06-1962 प्रतिपदा पूर्वाषाढ़ा 05:53 19:23
20-06-1962 तृतीया उत्तराषाढ़ा 05:53 19:23
21-06-1962 चतुर्थी श्रवण 05:53 19:23
22-06-1962 पंचमी धनिष्ठा 05:53 19:24
23-06-1962 षष्ठी शतभिषा 05:53 19:24
24-06-1962 सप्तमी पूर्वा भाद्रपद 05:54 19:24
25-06-1962 अष्टमी उत्तरा भाद्रपद 05:54 19:24
26-06-1962 नवमी रेवती 05:54 19:24
27-06-1962 दशमी अश्विनी 05:54 19:24
28-06-1962 एकादशी भरणी 05:55 19:25
29-06-1962 द्वादशी कृत्तिका 05:55 19:25
30-06-1962 त्रयोदशी रोहिणी 05:55 19:25

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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