व्रत और त्योहार — जनवरी 2050

वड़ोदरा, Vadodara, Gujarat, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
03-01-2050
सोमवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत पौष पुत्रदा एकादशी
05-01-2050
बुधवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
07-01-2050
शुक्रवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत पूर्णिमा
11-01-2050
मंगलवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
14-01-2050
शुक्रवार
षष्ठी, कृष्ण पक्ष
माघ
संक्रांति मकर संक्रांति · 18:52
19-01-2050
बुधवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत षटतिला एकादशी
21-01-2050
शुक्रवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
23-01-2050
रविवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत अमावस्या
27-01-2050
गुरुवार
पंचमी, शुक्ल पक्ष
माघ
त्योहार वसंत पंचमी
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-01-2050 नवमी रेवती 07:16 18:04
02-01-2050 दशमी अश्विनी 07:16 18:05
03-01-2050 एकादशी भरणी 07:17 18:06
04-01-2050 द्वादशी कृत्तिका 07:17 18:06
05-01-2050 त्रयोदशी रोहिणी 07:17 18:07
06-01-2050 चतुर्दशी मृगशिरा 07:17 18:08
07-01-2050 पूर्णिमा आर्द्रा 07:17 18:08
08-01-2050 प्रतिपदा पुनर्वसु 07:18 18:09
09-01-2050 प्रतिपदा पुष्य 07:18 18:10
10-01-2050 द्वितीया आश्लेषा 07:18 18:10
11-01-2050 तृतीया आश्लेषा 07:18 18:11
12-01-2050 चतुर्थी मघा 07:18 18:12
13-01-2050 पंचमी पूर्वा फाल्गुनी 07:18 18:13
14-01-2050 षष्ठी उत्तरा फाल्गुनी 07:18 18:13
15-01-2050 सप्तमी हस्त 07:18 18:14
16-01-2050 अष्टमी चित्रा 07:18 18:15
17-01-2050 नवमी स्वाति 07:18 18:15
18-01-2050 दशमी विशाखा 07:18 18:16
19-01-2050 एकादशी अनुराधा 07:18 18:17
20-01-2050 द्वादशी ज्येष्ठा 07:18 18:17
21-01-2050 त्रयोदशी मूल 07:18 18:18
22-01-2050 चतुर्दशी पूर्वाषाढ़ा 07:18 18:19
23-01-2050 अमावस्या उत्तराषाढ़ा 07:18 18:19
24-01-2050 द्वितीया श्रवण 07:17 18:20
25-01-2050 तृतीया शतभिषा 07:17 18:21
26-01-2050 चतुर्थी पूर्वा भाद्रपद 07:17 18:22
27-01-2050 पंचमी उत्तरा भाद्रपद 07:17 18:22
28-01-2050 षष्ठी रेवती 07:16 18:23
29-01-2050 सप्तमी अश्विनी 07:16 18:24
30-01-2050 अष्टमी भरणी 07:16 18:24
31-01-2050 नवमी कृत्तिका 07:15 18:25

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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