बुध का तुला राशि में गोचर 26 सितंबर 2026: सभी 12 राशियों पर प्रभाव
🪐 प्रकाशित 24-09-2026, 16:29
बुध 26 सितंबर 2026 को 12:38 बजे कन्या से तुला राशि में जाएंगे। हर चंद्र राशि पर गोचर का प्रभाव।
बुध 26 सितंबर 2026 को 12:38 बजे (भारतीय समय, नई दिल्ली) कन्या से निकलकर तुला राशि में प्रवेश करेंगे।
ये 2 दिसंबर 2026 तक तुला में रहेंगे।
इस दौरान: 24 अक्टूबर 2026 को वक्री, 13 नवंबर 2026 को मार्गी।
हर चंद्र राशि के लिए
गोचर आपकी चंद्र राशि से देखा जाता है। शास्त्रीय नियमों के अनुसार संक्षेप में:
- मेष: बुध आपकी चंद्र राशि से सातवें भाव (विवाह, साझेदारी और व्यापारिक संबंध) में गोचर करेंगे — इस स्थिति में धैर्य और सावधानी रखें।
- वृषभ: बुध आपकी चंद्र राशि से छठे भाव (स्वास्थ्य, ऋण, प्रतिस्पर्धा और दैनिक कार्य) में गोचर करेंगे — शास्त्रीय गोचर में यह शुभ स्थिति है।
- मिथुन: बुध आपकी चंद्र राशि से पांचवें भाव (संतान, शिक्षा, प्रेम और विचार) में गोचर करेंगे — इस स्थिति में धैर्य और सावधानी रखें।
- कर्क: बुध आपकी चंद्र राशि से चौथे भाव (घर, माता, संपत्ति और मन की शांति) में गोचर करेंगे — शास्त्रीय गोचर में यह शुभ स्थिति है।
- सिंह: बुध आपकी चंद्र राशि से तीसरे भाव (साहस, भाई-बहन और छोटी यात्राएं) में गोचर करेंगे — इस स्थिति में धैर्य और सावधानी रखें।
- कन्या: बुध आपकी चंद्र राशि से दूसरे भाव (धन, परिवार और वाणी) में गोचर करेंगे — शास्त्रीय गोचर में यह शुभ स्थिति है।
- तुला: बुध आपकी चंद्र राशि से पहले भाव (स्वयं, स्वास्थ्य और आत्मविश्वास) में गोचर करेंगे — इस स्थिति में धैर्य और सावधानी रखें।
- वृश्चिक: बुध आपकी चंद्र राशि से बारहवें भाव (व्यय, नींद, विदेश और त्याग) में गोचर करेंगे — इस स्थिति में धैर्य और सावधानी रखें।
- धनु: बुध आपकी चंद्र राशि से ग्यारहवें भाव (लाभ, आय और मित्र) में गोचर करेंगे — शास्त्रीय गोचर में यह शुभ स्थिति है।
- मकर: बुध आपकी चंद्र राशि से दसवें भाव (करियर, पद और सार्वजनिक जीवन) में गोचर करेंगे — शास्त्रीय गोचर में यह शुभ स्थिति है।
- कुंभ: बुध आपकी चंद्र राशि से नौवें भाव (भाग्य, पिता, गुरु और लंबी यात्राएं) में गोचर करेंगे — इस स्थिति में धैर्य और सावधानी रखें।
- मीन: बुध आपकी चंद्र राशि से आठवें भाव (अचानक परिवर्तन, शोध और पुराने विषय) में गोचर करेंगे — शास्त्रीय गोचर में यह शुभ स्थिति है।
गोचर को अपनी कुंडली और चल रही दशा के साथ पढ़ें; किसी ग्रह का फल आपकी कुंडली में उसके बल पर निर्भर करता है।
सामान्य फल केवल शुरुआत है: देखें कि यह आपकी अपनी कुंडली में कैसा है।
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