मंगल का आश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश 17 अक्टूबर 2026: हर जन्म नक्षत्र पर प्रभाव
✨ प्रकाशित 10-10-2026, 17:31
मंगल 17 अक्टूबर 2026 को 12:46 बजे पुष्य से आश्लेषा नक्षत्र में जाएंगे। सभी 27 जन्म नक्षत्रों पर प्रभाव।
मंगल 17 अक्टूबर 2026 को 12:46 बजे (भारतीय समय, नई दिल्ली) पुष्य से निकलकर आश्लेषा नक्षत्र (कर्क राशि) में प्रवेश करेंगे।
आश्लेषा नक्षत्र
स्वामी बुध; देवता नाग देवता, प्रतीक कुंडली मारे सर्प। स्वभाव तीक्ष्ण, गण राक्षस।
मंगल ऊर्जा, साहस, भूमि-भवन, भाई, पुलिस और सेना के कारक हैं; आने वाले समय में इन विषयों पर आश्लेषा और इसके स्वामी बुध का रंग रहेगा।
हर जन्म नक्षत्र के लिए (तारा बल)
अपने जन्म नक्षत्र से गिनकर, जिस नक्षत्र में ग्रह अब प्रवेश कर रहा है:
- आश्लेषा, ज्येष्ठा, रेवती — जन्म तारा (आपका अपना नक्षत्र): साहस और भूमि-संपत्ति का दबाव मन और शरीर पर — दिनचर्या स्थिर रखें, जल्दबाज़ी के निर्णय टालें।
- पुष्य, अनुराधा, उत्तरा भाद्रपद — संपत तारा (धन): साहस और भूमि-संपत्ति से लाभ और सहयोग।
- पुनर्वसु, विशाखा, पूर्वा भाद्रपद — विपत तारा (विपत्ति): साहस और भूमि-संपत्ति में बाधा और हानि — वचन देने से पहले जांच लें।
- आर्द्रा, स्वाति, शतभिषा — क्षेम तारा (कुशलता): साहस और भूमि-संपत्ति में सुख और सहजता।
- मृगशिरा, चित्रा, धनिष्ठा — प्रत्यक तारा (विरोध): साहस और भूमि-संपत्ति में दूसरे आड़े आ सकते हैं — विवाद टालें।
- रोहिणी, हस्त, श्रवण — साधना तारा (सिद्धि): साहस और भूमि-संपत्ति में प्रयास सफल — कार्य पूरा करने का अच्छा समय।
- कृत्तिका, उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा — नैधन तारा (सबसे कठिन): स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें और साहस और भूमि-संपत्ति में जोखिम न लें।
- भरणी, पूर्वा फाल्गुनी, पूर्वाषाढ़ा — मित्र तारा: साहस और भूमि-संपत्ति में मित्र और शुभचिंतक सहायता करेंगे।
- अश्विनी, मघा, मूल — परम मित्र तारा: साहस और भूमि-संपत्ति में प्रबल सहयोग और शुभ समाचार।
नक्षत्र गोचर राशि गोचर और आपकी कुंडली की दशा के ऊपर एक सूक्ष्म परत है; यह सप्ताहों का रंग बताता है, निर्णय नहीं करता।
सामान्य फल केवल शुरुआत है: देखें कि यह आपकी अपनी कुंडली में कैसा है।