आज का चौघड़िया – जयपुर, Jaipur, Rajasthan, India
सोमवार, 21-08-1944 · सूर्योदय 07:00 · सूर्यास्त 19:58
| दिन का चौघड़िया | ||
|---|---|---|
| अमृत | 07:00 – 08:37 | हर शुभ कार्य के लिए उत्तम |
| काल | 08:37 – 10:15 | टालें; केवल नियमित कार्य |
| शुभ | 10:15 – 11:52 | संस्कार और नए कार्य के लिए शुभ |
| रोग | 11:52 – 13:29 | टालें; विवाद और ऋण संबंधी कार्य |
| उद्वेग | 13:29 – 15:07 | नया कार्य न करें; सरकारी कार्य के लिए |
| चर | 15:07 – 16:44 | यात्रा और चल कार्यों के लिए उपयुक्त |
| लाभ | 16:44 – 18:21 | व्यापार और शिक्षा के लिए अच्छा |
| अमृत | 18:21 – 19:58 | हर शुभ कार्य के लिए उत्तम |
| रात का चौघड़िया | ||
|---|---|---|
| चर | 19:58 – 21:21 | यात्रा और चल कार्यों के लिए उपयुक्त |
| रोग | 21:21 – 22:44 | टालें; विवाद और ऋण संबंधी कार्य |
| काल | 22:44 – 00:07 | टालें; केवल नियमित कार्य |
| लाभ | 00:07 – 01:29 | व्यापार और शिक्षा के लिए अच्छा |
| उद्वेग | 01:29 – 02:52 | नया कार्य न करें; सरकारी कार्य के लिए |
| शुभ | 02:52 – 04:15 | संस्कार और नए कार्य के लिए शुभ |
| अमृत | 04:15 – 05:38 | हर शुभ कार्य के लिए उत्तम |
| चर | 05:38 – 07:01 | यात्रा और चल कार्यों के लिए उपयुक्त |
सूर्योदय से सूर्यास्त तक का दिन और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक की रात, दोनों आठ बराबर चौघड़ियों में बंटते हैं। शुभ कार्य के लिए अमृत, शुभ और लाभ; यात्रा के लिए चर लिया जाता है।