गुरु का मघा नक्षत्र में प्रवेश 31 अक्टूबर 2026: हर जन्म नक्षत्र पर प्रभाव
✨ प्रकाशित 24-10-2026, 14:38
गुरु 31 अक्टूबर 2026 को 12:02 बजे आश्लेषा से मघा नक्षत्र में जाएंगे। सभी 27 जन्म नक्षत्रों पर प्रभाव।
गुरु 31 अक्टूबर 2026 को 12:02 बजे (भारतीय समय, नई दिल्ली) आश्लेषा से निकलकर मघा नक्षत्र (सिंह राशि) में प्रवेश करेंगे।
मघा नक्षत्र
स्वामी केतु; देवता पितृ, प्रतीक राजसिंहासन। स्वभाव उग्र, गण राक्षस।
गुरु ज्ञान, गुरु, संतान, धन, विवाह और धर्म के कारक हैं; आने वाले समय में इन विषयों पर मघा और इसके स्वामी केतु का रंग रहेगा।
हर जन्म नक्षत्र के लिए (तारा बल)
अपने जन्म नक्षत्र से गिनकर, जिस नक्षत्र में ग्रह अब प्रवेश कर रहा है:
- अश्विनी, मघा, मूल — जन्म तारा (आपका अपना नक्षत्र): धन, संतान और भाग्य का दबाव मन और शरीर पर — दिनचर्या स्थिर रखें, जल्दबाज़ी के निर्णय टालें।
- आश्लेषा, ज्येष्ठा, रेवती — संपत तारा (धन): धन, संतान और भाग्य से लाभ और सहयोग।
- पुष्य, अनुराधा, उत्तरा भाद्रपद — विपत तारा (विपत्ति): धन, संतान और भाग्य में बाधा और हानि — वचन देने से पहले जांच लें।
- पुनर्वसु, विशाखा, पूर्वा भाद्रपद — क्षेम तारा (कुशलता): धन, संतान और भाग्य में सुख और सहजता।
- आर्द्रा, स्वाति, शतभिषा — प्रत्यक तारा (विरोध): धन, संतान और भाग्य में दूसरे आड़े आ सकते हैं — विवाद टालें।
- मृगशिरा, चित्रा, धनिष्ठा — साधना तारा (सिद्धि): धन, संतान और भाग्य में प्रयास सफल — कार्य पूरा करने का अच्छा समय।
- रोहिणी, हस्त, श्रवण — नैधन तारा (सबसे कठिन): स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें और धन, संतान और भाग्य में जोखिम न लें।
- कृत्तिका, उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा — मित्र तारा: धन, संतान और भाग्य में मित्र और शुभचिंतक सहायता करेंगे।
- भरणी, पूर्वा फाल्गुनी, पूर्वाषाढ़ा — परम मित्र तारा: धन, संतान और भाग्य में प्रबल सहयोग और शुभ समाचार।
नक्षत्र गोचर राशि गोचर और आपकी कुंडली की दशा के ऊपर एक सूक्ष्म परत है; यह सप्ताहों का रंग बताता है, निर्णय नहीं करता।
सामान्य फल केवल शुरुआत है: देखें कि यह आपकी अपनी कुंडली में कैसा है।