आज का चौघड़िया – जयपुर, Jaipur, Rajasthan, India
सोमवार, 23-10-1944 · सूर्योदय 07:30 · सूर्यास्त 18:51
| दिन का चौघड़िया | ||
|---|---|---|
| अमृत | 07:30 – 08:55 | हर शुभ कार्य के लिए उत्तम |
| काल | 08:55 – 10:20 | टालें; केवल नियमित कार्य |
| शुभ | 10:20 – 11:45 | संस्कार और नए कार्य के लिए शुभ |
| रोग | 11:45 – 13:11 | टालें; विवाद और ऋण संबंधी कार्य |
| उद्वेग | 13:11 – 14:36 | नया कार्य न करें; सरकारी कार्य के लिए |
| चर | 14:36 – 16:01 | यात्रा और चल कार्यों के लिए उपयुक्त |
| लाभ | 16:01 – 17:26 | व्यापार और शिक्षा के लिए अच्छा |
| अमृत | 17:26 – 18:51 | हर शुभ कार्य के लिए उत्तम |
| रात का चौघड़िया | ||
|---|---|---|
| चर | 18:51 – 20:26 | यात्रा और चल कार्यों के लिए उपयुक्त |
| रोग | 20:26 – 22:01 | टालें; विवाद और ऋण संबंधी कार्य |
| काल | 22:01 – 23:36 | टालें; केवल नियमित कार्य |
| लाभ | 23:36 – 01:11 | व्यापार और शिक्षा के लिए अच्छा |
| उद्वेग | 01:11 – 02:46 | नया कार्य न करें; सरकारी कार्य के लिए |
| शुभ | 02:46 – 04:21 | संस्कार और नए कार्य के लिए शुभ |
| अमृत | 04:21 – 05:56 | हर शुभ कार्य के लिए उत्तम |
| चर | 05:56 – 07:31 | यात्रा और चल कार्यों के लिए उपयुक्त |
सूर्योदय से सूर्यास्त तक का दिन और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक की रात, दोनों आठ बराबर चौघड़ियों में बंटते हैं। शुभ कार्य के लिए अमृत, शुभ और लाभ; यात्रा के लिए चर लिया जाता है।