आज का चौघड़िया – जयपुर, Jaipur, Rajasthan, India
सोमवार, 30-10-1944 · सूर्योदय 07:34 · सूर्यास्त 18:45
| दिन का चौघड़िया | ||
|---|---|---|
| अमृत | 07:34 – 08:58 | हर शुभ कार्य के लिए उत्तम |
| काल | 08:58 – 10:22 | टालें; केवल नियमित कार्य |
| शुभ | 10:22 – 11:46 | संस्कार और नए कार्य के लिए शुभ |
| रोग | 11:46 – 13:10 | टालें; विवाद और ऋण संबंधी कार्य |
| उद्वेग | 13:10 – 14:34 | नया कार्य न करें; सरकारी कार्य के लिए |
| चर | 14:34 – 15:58 | यात्रा और चल कार्यों के लिए उपयुक्त |
| लाभ | 15:58 – 17:22 | व्यापार और शिक्षा के लिए अच्छा |
| अमृत | 17:22 – 18:45 | हर शुभ कार्य के लिए उत्तम |
| रात का चौघड़िया | ||
|---|---|---|
| चर | 18:45 – 20:22 | यात्रा और चल कार्यों के लिए उपयुक्त |
| रोग | 20:22 – 21:58 | टालें; विवाद और ऋण संबंधी कार्य |
| काल | 21:58 – 23:34 | टालें; केवल नियमित कार्य |
| लाभ | 23:34 – 01:10 | व्यापार और शिक्षा के लिए अच्छा |
| उद्वेग | 01:10 – 02:46 | नया कार्य न करें; सरकारी कार्य के लिए |
| शुभ | 02:46 – 04:23 | संस्कार और नए कार्य के लिए शुभ |
| अमृत | 04:23 – 05:59 | हर शुभ कार्य के लिए उत्तम |
| चर | 05:59 – 07:35 | यात्रा और चल कार्यों के लिए उपयुक्त |
सूर्योदय से सूर्यास्त तक का दिन और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक की रात, दोनों आठ बराबर चौघड़ियों में बंटते हैं। शुभ कार्य के लिए अमृत, शुभ और लाभ; यात्रा के लिए चर लिया जाता है।