आज की होरा – जयपुर, Jaipur, Rajasthan, India
गुरुवार, 31-05-1945 · सूर्योदय 06:32 · सूर्यास्त 20:15
| दिन की होरा | ||
|---|---|---|
| गुरु | 06:32 – 07:41 | पूजा, अध्यापन, विवाह वार्ता, वित्त |
| मंगल | 07:41 – 08:50 | संपत्ति, साहस, खेल; विवाद से बचें |
| सूर्य | 08:50 – 09:58 | सरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना |
| शुक्र | 09:58 – 11:07 | वस्त्र, आभूषण, वाहन खरीद; कला |
| बुध | 11:07 – 12:15 | अध्ययन, लेखन, व्यापार, संवाद |
| चंद्र | 12:15 – 13:24 | यात्रा, लोगों से मिलना, जन-संपर्क |
| शनि | 13:24 – 14:32 | परिश्रम, मरम्मत, ऋण चुकाना; नई शुरुआत टालें |
| गुरु | 14:32 – 15:41 | पूजा, अध्यापन, विवाह वार्ता, वित्त |
| मंगल | 15:41 – 16:50 | संपत्ति, साहस, खेल; विवाद से बचें |
| सूर्य | 16:50 – 17:58 | सरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना |
| शुक्र | 17:58 – 19:07 | वस्त्र, आभूषण, वाहन खरीद; कला |
| बुध | 19:07 – 20:15 | अध्ययन, लेखन, व्यापार, संवाद |
| रात की होरा | ||
|---|---|---|
| चंद्र | 20:15 – 21:07 | यात्रा, लोगों से मिलना, जन-संपर्क |
| शनि | 21:07 – 21:58 | परिश्रम, मरम्मत, ऋण चुकाना; नई शुरुआत टालें |
| गुरु | 21:58 – 22:50 | पूजा, अध्यापन, विवाह वार्ता, वित्त |
| मंगल | 22:50 – 23:41 | संपत्ति, साहस, खेल; विवाद से बचें |
| सूर्य | 23:41 – 00:32 | सरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना |
| शुक्र | 00:32 – 01:24 | वस्त्र, आभूषण, वाहन खरीद; कला |
| बुध | 01:24 – 02:15 | अध्ययन, लेखन, व्यापार, संवाद |
| चंद्र | 02:15 – 03:07 | यात्रा, लोगों से मिलना, जन-संपर्क |
| शनि | 03:07 – 03:58 | परिश्रम, मरम्मत, ऋण चुकाना; नई शुरुआत टालें |
| गुरु | 03:58 – 04:49 | पूजा, अध्यापन, विवाह वार्ता, वित्त |
| मंगल | 04:49 – 05:41 | संपत्ति, साहस, खेल; विवाद से बचें |
| सूर्य | 05:41 – 06:32 | सरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना |
सूर्योदय से बारह और सूर्यास्त से बारह होरा। दिन की पहली होरा वार के स्वामी की होती है, फिर सूर्य, शुक्र, बुध, चंद्र, शनि, गुरु, मंगल के क्रम में।