व्रत और त्योहार — जून 2044

आगरा, Āgra, Uttar Pradesh, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
05-06-2044
रविवार
दशमी, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ
त्योहार गंगा दशहरा
06-06-2044
सोमवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत निर्जला एकादशी
07-06-2044
मंगलवार
द्वादशी, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
10-06-2044
शुक्रवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत पूर्णिमा
14-06-2044
मंगलवार
चतुर्थी, कृष्ण पक्ष
आषाढ़
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
15-06-2044
बुधवार
चतुर्थी, कृष्ण पक्ष
आषाढ़
संक्रांति मिथुन संक्रांति · 03:33
22-06-2044
बुधवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
आषाढ़
व्रत योगिनी एकादशी
23-06-2044
गुरुवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
आषाढ़
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल मेंव्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
25-06-2044
शनिवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
आषाढ़
व्रत अमावस्या
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-06-2044 षष्ठी आश्लेषा 05:23 19:08
02-06-2044 सप्तमी मघा 05:23 19:09
03-06-2044 अष्टमी पूर्वा फाल्गुनी 05:23 19:09
04-06-2044 नवमी उत्तरा फाल्गुनी 05:22 19:10
05-06-2044 दशमी हस्त 05:22 19:10
06-06-2044 एकादशी चित्रा 05:22 19:10
07-06-2044 द्वादशी स्वाति 05:22 19:11
08-06-2044 त्रयोदशी विशाखा 05:22 19:11
09-06-2044 चतुर्दशी अनुराधा 05:22 19:12
10-06-2044 पूर्णिमा ज्येष्ठा 05:22 19:12
11-06-2044 प्रतिपदा मूल 05:22 19:12
12-06-2044 द्वितीया मूल 05:22 19:13
13-06-2044 तृतीया पूर्वाषाढ़ा 05:22 19:13
14-06-2044 चतुर्थी उत्तराषाढ़ा 05:22 19:13
15-06-2044 चतुर्थी श्रवण 05:22 19:14
16-06-2044 पंचमी धनिष्ठा 05:23 19:14
17-06-2044 षष्ठी शतभिषा 05:23 19:14
18-06-2044 सप्तमी पूर्वा भाद्रपद 05:23 19:15
19-06-2044 अष्टमी उत्तरा भाद्रपद 05:23 19:15
20-06-2044 नवमी रेवती 05:23 19:15
21-06-2044 दशमी अश्विनी 05:23 19:15
22-06-2044 एकादशी भरणी 05:24 19:15
23-06-2044 त्रयोदशी कृत्तिका 05:24 19:16
24-06-2044 चतुर्दशी रोहिणी 05:24 19:16
25-06-2044 अमावस्या मृगशिरा 05:24 19:16
26-06-2044 प्रतिपदा आर्द्रा 05:25 19:16
27-06-2044 द्वितीया पुष्य 05:25 19:16
28-06-2044 चतुर्थी आश्लेषा 05:25 19:16
29-06-2044 पंचमी मघा 05:26 19:16
30-06-2044 षष्ठी पूर्वा फाल्गुनी 05:26 19:16

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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