व्रत और त्योहार — जनवरी 2046

आगरा, Āgra, Uttar Pradesh, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
03-01-2046
बुधवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत सफला एकादशी
04-01-2046
गुरुवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
05-01-2046
शुक्रवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
07-01-2046
रविवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत अमावस्या
14-01-2046
रविवार
सप्तमी, शुक्ल पक्ष
पौष
संक्रांति मकर संक्रांति · 18:12
18-01-2046
गुरुवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत पौष पुत्रदा एकादशी
20-01-2046
शनिवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत शनि प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
22-01-2046
सोमवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत पूर्णिमा
25-01-2046
गुरुवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-01-2046 नवमी चित्रा 07:07 17:35
02-01-2046 दशमी स्वाति 07:07 17:36
03-01-2046 एकादशी विशाखा 07:07 17:37
04-01-2046 द्वादशी अनुराधा 07:07 17:37
05-01-2046 त्रयोदशी ज्येष्ठा 07:08 17:38
06-01-2046 चतुर्दशी मूल 07:08 17:39
07-01-2046 अमावस्या पूर्वाषाढ़ा 07:08 17:39
08-01-2046 प्रतिपदा उत्तराषाढ़ा 07:08 17:40
09-01-2046 द्वितीया श्रवण 07:08 17:41
10-01-2046 तृतीया धनिष्ठा 07:08 17:42
11-01-2046 चतुर्थी शतभिषा 07:08 17:42
12-01-2046 पंचमी पूर्वा भाद्रपद 07:08 17:43
13-01-2046 षष्ठी पूर्वा भाद्रपद 07:08 17:44
14-01-2046 सप्तमी उत्तरा भाद्रपद 07:08 17:45
15-01-2046 अष्टमी रेवती 07:08 17:46
16-01-2046 नवमी अश्विनी 07:08 17:46
17-01-2046 दशमी भरणी 07:08 17:47
18-01-2046 एकादशी कृत्तिका 07:08 17:48
19-01-2046 द्वादशी रोहिणी 07:08 17:49
20-01-2046 त्रयोदशी मृगशिरा 07:07 17:50
21-01-2046 चतुर्दशी आर्द्रा 07:07 17:50
22-01-2046 पूर्णिमा पुनर्वसु 07:07 17:51
23-01-2046 प्रतिपदा पुष्य 07:07 17:52
24-01-2046 द्वितीया मघा 07:06 17:53
25-01-2046 तृतीया पूर्वा फाल्गुनी 07:06 17:54
26-01-2046 पंचमी उत्तरा फाल्गुनी 07:06 17:54
27-01-2046 षष्ठी हस्त 07:05 17:55
28-01-2046 सप्तमी चित्रा 07:05 17:56
29-01-2046 अष्टमी स्वाति 07:04 17:57
30-01-2046 नवमी विशाखा 07:04 17:58
31-01-2046 दशमी अनुराधा 07:04 17:58

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

कुछ गड़बड़ हुई। फिर से लोड करें 🗙

Rejoining the server...

Rejoin failed... trying again in seconds.

Failed to rejoin.
Please retry or reload the page.

The session has been paused by the server.

Failed to resume the session.
Please retry or reload the page.