व्रत और त्योहार — फ़रवरी 2005

बंगलौर, Bangalore Urban, Karnataka, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
05-02-2005
शनिवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत षटतिला एकादशी
06-02-2005
रविवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
07-02-2005
सोमवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
12-02-2005
शनिवार
चतुर्थी, शुक्ल पक्ष
माघ
संक्रांति कुंभ संक्रांति · 18:42
13-02-2005
रविवार
पंचमी, शुक्ल पक्ष
माघ
त्योहार वसंत पंचमी
19-02-2005
शनिवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत जया एकादशी
21-02-2005
सोमवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत सोम प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
24-02-2005
गुरुवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत पूर्णिमा
27-02-2005
रविवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-02-2005 सप्तमी चित्रा 06:45 18:20
02-02-2005 अष्टमी स्वाति 06:45 18:21
03-02-2005 नवमी विशाखा 06:45 18:21
04-02-2005 दशमी अनुराधा 06:45 18:22
05-02-2005 एकादशी ज्येष्ठा 06:44 18:22
06-02-2005 द्वादशी मूल 06:44 18:22
07-02-2005 त्रयोदशी उत्तराषाढ़ा 06:44 18:23
08-02-2005 चतुर्दशी श्रवण 06:44 18:23
09-02-2005 प्रतिपदा धनिष्ठा 06:43 18:23
10-02-2005 द्वितीया शतभिषा 06:43 18:24
11-02-2005 तृतीया पूर्वा भाद्रपद 06:43 18:24
12-02-2005 चतुर्थी उत्तरा भाद्रपद 06:43 18:24
13-02-2005 पंचमी रेवती 06:42 18:25
14-02-2005 षष्ठी अश्विनी 06:42 18:25
15-02-2005 सप्तमी भरणी 06:41 18:25
16-02-2005 अष्टमी कृत्तिका 06:41 18:25
17-02-2005 नवमी रोहिणी 06:41 18:26
18-02-2005 दशमी मृगशिरा 06:40 18:26
19-02-2005 एकादशी आर्द्रा 06:40 18:26
20-02-2005 द्वादशी पुनर्वसु 06:39 18:26
21-02-2005 त्रयोदशी पुष्य 06:39 18:27
22-02-2005 चतुर्दशी पुष्य 06:39 18:27
23-02-2005 चतुर्दशी आश्लेषा 06:38 18:27
24-02-2005 पूर्णिमा मघा 06:38 18:27
25-02-2005 प्रतिपदा पूर्वा फाल्गुनी 06:37 18:28
26-02-2005 द्वितीया उत्तरा फाल्गुनी 06:37 18:28
27-02-2005 तृतीया हस्त 06:36 18:28
28-02-2005 चतुर्थी चित्रा 06:35 18:28

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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