व्रत और त्योहार — अक्टूबर 1944
भोपाल, Bhopāl, Madhya Pradesh, India
इस माह
| तिथि | सूर्योदय पर तिथि | व्रत / त्योहार |
|---|---|---|
| 02-10-1944 सोमवार |
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष आश्विन |
त्योहार शरद पूर्णिमाव्रत पूर्णिमा |
| 05-10-1944 गुरुवार |
चतुर्थी, कृष्ण पक्ष कार्तिक |
त्योहार करवा चौथ · चंद्रोदय पर |
| 12-10-1944 गुरुवार |
एकादशी, कृष्ण पक्ष कार्तिक |
व्रत रमा एकादशी |
| 14-10-1944 शनिवार |
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष कार्तिक |
त्योहार धनतेरस · प्रदोष काल मेंव्रत शनि प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में |
| 15-10-1944 रविवार |
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष कार्तिक |
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में |
| 16-10-1944 सोमवार |
चतुर्दशी, कृष्ण पक्ष कार्तिक |
त्योहार नरक चतुर्दशी (छोटी दीपावली)त्योहार दीपावली (लक्ष्मी पूजा) · प्रदोष काल मेंसंक्रांति तुला संक्रांति · 20:29 |
| 17-10-1944 मंगलवार |
अमावस्या, कृष्ण पक्ष कार्तिक |
व्रत अमावस्या |
| 18-10-1944 बुधवार |
प्रतिपदा, शुक्ल पक्ष कार्तिक |
त्योहार गोवर्धन पूजा |
| 19-10-1944 गुरुवार |
द्वितीया, शुक्ल पक्ष कार्तिक |
त्योहार भाई दूज |
| 22-10-1944 रविवार |
पंचमी, शुक्ल पक्ष कार्तिक |
त्योहार छठ पूजा · प्रदोष काल में |
| 28-10-1944 शनिवार |
एकादशी, शुक्ल पक्ष कार्तिक |
व्रत देवउठनी (प्रबोधिनी) एकादशी |
| 29-10-1944 रविवार |
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष कार्तिक |
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में |
| 31-10-1944 मंगलवार |
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष कार्तिक |
त्योहार कार्तिक पूर्णिमा · गुरु नानक जयंती · देव दीपावलीव्रत पूर्णिमा |
माह के सभी दिन
| तिथि | तिथि | नक्षत्र | सूर्योदय | सूर्यास्त |
|---|---|---|---|---|
| 01-10-1944 | चतुर्दशी | पूर्वा भाद्रपद | 07:11 | 19:08 |
| 02-10-1944 | पूर्णिमा | उत्तरा भाद्रपद | 07:12 | 19:07 |
| 03-10-1944 | द्वितीया | रेवती | 07:12 | 19:06 |
| 04-10-1944 | तृतीया | भरणी | 07:12 | 19:05 |
| 05-10-1944 | चतुर्थी | कृत्तिका | 07:13 | 19:04 |
| 06-10-1944 | पंचमी | रोहिणी | 07:13 | 19:03 |
| 07-10-1944 | षष्ठी | मृगशिरा | 07:13 | 19:02 |
| 08-10-1944 | सप्तमी | आर्द्रा | 07:14 | 19:01 |
| 09-10-1944 | अष्टमी | पुनर्वसु | 07:14 | 19:00 |
| 10-10-1944 | नवमी | पुष्य | 07:14 | 18:59 |
| 11-10-1944 | दशमी | आश्लेषा | 07:15 | 18:58 |
| 12-10-1944 | एकादशी | आश्लेषा | 07:15 | 18:57 |
| 13-10-1944 | द्वादशी | मघा | 07:16 | 18:56 |
| 14-10-1944 | त्रयोदशी | पूर्वा फाल्गुनी | 07:16 | 18:56 |
| 15-10-1944 | त्रयोदशी | उत्तरा फाल्गुनी | 07:16 | 18:55 |
| 16-10-1944 | चतुर्दशी | हस्त | 07:17 | 18:54 |
| 17-10-1944 | अमावस्या | चित्रा | 07:17 | 18:53 |
| 18-10-1944 | प्रतिपदा | स्वाति | 07:18 | 18:52 |
| 19-10-1944 | द्वितीया | विशाखा | 07:18 | 18:51 |
| 20-10-1944 | तृतीया | अनुराधा | 07:19 | 18:51 |
| 21-10-1944 | चतुर्थी | ज्येष्ठा | 07:19 | 18:50 |
| 22-10-1944 | पंचमी | ज्येष्ठा | 07:20 | 18:49 |
| 23-10-1944 | षष्ठी | मूल | 07:20 | 18:48 |
| 24-10-1944 | सप्तमी | पूर्वाषाढ़ा | 07:21 | 18:47 |
| 25-10-1944 | अष्टमी | उत्तराषाढ़ा | 07:21 | 18:47 |
| 26-10-1944 | नवमी | श्रवण | 07:22 | 18:46 |
| 27-10-1944 | दशमी | शतभिषा | 07:22 | 18:45 |
| 28-10-1944 | एकादशी | पूर्वा भाद्रपद | 07:23 | 18:45 |
| 29-10-1944 | त्रयोदशी | उत्तरा भाद्रपद | 07:23 | 18:44 |
| 30-10-1944 | चतुर्दशी | रेवती | 07:24 | 18:43 |
| 31-10-1944 | पूर्णिमा | अश्विनी | 07:24 | 18:43 |
मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।