व्रत और त्योहार — जनवरी 2015

भोपाल, Bhopāl, Madhya Pradesh, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
01-01-2015
गुरुवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत पौष पुत्रदा एकादशी
02-01-2015
शुक्रवार
द्वादशी, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
05-01-2015
सोमवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत पूर्णिमा
08-01-2015
गुरुवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
14-01-2015
बुधवार
नवमी, कृष्ण पक्ष
माघ
संक्रांति मकर संक्रांति · 19:27
16-01-2015
शुक्रवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत षटतिला एकादशी
18-01-2015
रविवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
20-01-2015
मंगलवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत अमावस्या
24-01-2015
शनिवार
पंचमी, शुक्ल पक्ष
माघ
त्योहार वसंत पंचमी
30-01-2015
शुक्रवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत जया एकादशी
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-01-2015 एकादशी कृत्तिका 07:01 17:46
02-01-2015 द्वादशी रोहिणी 07:01 17:46
03-01-2015 त्रयोदशी मृगशिरा 07:02 17:47
04-01-2015 चतुर्दशी मृगशिरा 07:02 17:47
05-01-2015 पूर्णिमा आर्द्रा 07:02 17:48
06-01-2015 प्रतिपदा पुनर्वसु 07:02 17:49
07-01-2015 द्वितीया पुष्य 07:02 17:49
08-01-2015 तृतीया आश्लेषा 07:03 17:50
09-01-2015 चतुर्थी मघा 07:03 17:51
10-01-2015 पंचमी पूर्वा फाल्गुनी 07:03 17:52
11-01-2015 षष्ठी उत्तरा फाल्गुनी 07:03 17:52
12-01-2015 सप्तमी हस्त 07:03 17:53
13-01-2015 अष्टमी चित्रा 07:03 17:54
14-01-2015 नवमी स्वाति 07:03 17:54
15-01-2015 दशमी स्वाति 07:03 17:55
16-01-2015 एकादशी विशाखा 07:03 17:56
17-01-2015 द्वादशी अनुराधा 07:03 17:57
18-01-2015 त्रयोदशी ज्येष्ठा 07:03 17:57
19-01-2015 चतुर्दशी पूर्वाषाढ़ा 07:03 17:58
20-01-2015 अमावस्या उत्तराषाढ़ा 07:03 17:59
21-01-2015 प्रतिपदा श्रवण 07:03 17:59
22-01-2015 द्वितीया धनिष्ठा 07:03 18:00
23-01-2015 तृतीया शतभिषा 07:03 18:01
24-01-2015 पंचमी पूर्वा भाद्रपद 07:02 18:02
25-01-2015 षष्ठी उत्तरा भाद्रपद 07:02 18:02
26-01-2015 सप्तमी रेवती 07:02 18:03
27-01-2015 अष्टमी अश्विनी 07:02 18:04
28-01-2015 नवमी भरणी 07:01 18:04
29-01-2015 दशमी कृत्तिका 07:01 18:05
30-01-2015 एकादशी रोहिणी 07:01 18:06
31-01-2015 द्वादशी मृगशिरा 07:00 18:06

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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