व्रत और त्योहार — मई 2044

चेन्नई, Chennai, Tamil Nadu, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
07-05-2044
शनिवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
वैशाख
व्रत मोहिनी एकादशी
09-05-2044
सोमवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
वैशाख
व्रत सोम प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
11-05-2044
बुधवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
वैशाख
त्योहार बुद्ध पूर्णिमाव्रत पूर्णिमा
14-05-2044
शनिवार
द्वितीया, कृष्ण पक्ष
ज्येष्ठ
संक्रांति वृषभ संक्रांति · 20:56
15-05-2044
रविवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
23-05-2044
सोमवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत अपरा एकादशी
24-05-2044
मंगलवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
25-05-2044
बुधवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
27-05-2044
शुक्रवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
ज्येष्ठ
त्योहार वट सावित्री व्रत · शनि जयंतीव्रत अमावस्या
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-05-2044 चतुर्थी मृगशिरा 05:47 18:24
02-05-2044 पंचमी आर्द्रा 05:47 18:24
03-05-2044 षष्ठी पुनर्वसु 05:46 18:24
04-05-2044 अष्टमी पुष्य 05:46 18:24
05-05-2044 नवमी आश्लेषा 05:46 18:25
06-05-2044 दशमी मघा 05:45 18:25
07-05-2044 एकादशी पूर्वा फाल्गुनी 05:45 18:25
08-05-2044 द्वादशी उत्तरा फाल्गुनी 05:45 18:25
09-05-2044 त्रयोदशी हस्त 05:44 18:26
10-05-2044 चतुर्दशी चित्रा 05:44 18:26
11-05-2044 पूर्णिमा स्वाति 05:44 18:26
12-05-2044 पूर्णिमा विशाखा 05:43 18:26
13-05-2044 प्रतिपदा अनुराधा 05:43 18:27
14-05-2044 द्वितीया ज्येष्ठा 05:43 18:27
15-05-2044 तृतीया मूल 05:43 18:27
16-05-2044 चतुर्थी पूर्वाषाढ़ा 05:42 18:27
17-05-2044 पंचमी उत्तराषाढ़ा 05:42 18:28
18-05-2044 षष्ठी उत्तराषाढ़ा 05:42 18:28
19-05-2044 सप्तमी श्रवण 05:42 18:28
20-05-2044 अष्टमी धनिष्ठा 05:42 18:28
21-05-2044 नवमी शतभिषा 05:41 18:29
22-05-2044 दशमी पूर्वा भाद्रपद 05:41 18:29
23-05-2044 एकादशी उत्तरा भाद्रपद 05:41 18:29
24-05-2044 द्वादशी रेवती 05:41 18:30
25-05-2044 त्रयोदशी अश्विनी 05:41 18:30
26-05-2044 चतुर्दशी भरणी 05:41 18:30
27-05-2044 अमावस्या कृत्तिका 05:41 18:31
28-05-2044 द्वितीया मृगशिरा 05:41 18:31
29-05-2044 तृतीया आर्द्रा 05:41 18:31
30-05-2044 चतुर्थी पुनर्वसु 05:41 18:31
31-05-2044 पंचमी पुष्य 05:41 18:32

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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