व्रत और त्योहार — दिसंबर 1943

दिल्ली, Delhi, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
07-12-1943
मंगलवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
त्योहार गीता जयंतीव्रत मोक्षदा एकादशी
09-12-1943
गुरुवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
11-12-1943
शनिवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत पूर्णिमा
15-12-1943
बुधवार
चतुर्थी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
16-12-1943
गुरुवार
पंचमी, कृष्ण पक्ष
पौष
संक्रांति धनु संक्रांति · 04:37
23-12-1943
गुरुवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत सफला एकादशी
24-12-1943
शुक्रवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
25-12-1943
शनिवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
27-12-1943
सोमवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत अमावस्या
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-12-1943 चतुर्थी उत्तराषाढ़ा 07:55 18:24
02-12-1943 पंचमी श्रवण 07:56 18:24
03-12-1943 षष्ठी धनिष्ठा 07:56 18:24
04-12-1943 अष्टमी शतभिषा 07:57 18:24
05-12-1943 नवमी पूर्वा भाद्रपद 07:58 18:24
06-12-1943 दशमी उत्तरा भाद्रपद 07:59 18:24
07-12-1943 एकादशी रेवती 07:59 18:24
08-12-1943 द्वादशी अश्विनी 08:00 18:24
09-12-1943 त्रयोदशी भरणी 08:01 18:24
10-12-1943 चतुर्दशी कृत्तिका 08:02 18:24
11-12-1943 पूर्णिमा रोहिणी 08:02 18:25
12-12-1943 प्रतिपदा मृगशिरा 08:03 18:25
13-12-1943 द्वितीया आर्द्रा 08:04 18:25
14-12-1943 तृतीया पुनर्वसु 08:04 18:25
15-12-1943 चतुर्थी पुष्य 08:05 18:26
16-12-1943 पंचमी आश्लेषा 08:06 18:26
17-12-1943 पंचमी मघा 08:06 18:26
18-12-1943 षष्ठी मघा 08:07 18:27
19-12-1943 सप्तमी पूर्वा फाल्गुनी 08:07 18:27
20-12-1943 अष्टमी उत्तरा फाल्गुनी 08:08 18:28
21-12-1943 नवमी हस्त 08:08 18:28
22-12-1943 दशमी चित्रा 08:09 18:29
23-12-1943 एकादशी स्वाति 08:09 18:29
24-12-1943 द्वादशी विशाखा 08:10 18:30
25-12-1943 त्रयोदशी अनुराधा 08:10 18:30
26-12-1943 चतुर्दशी ज्येष्ठा 08:11 18:31
27-12-1943 अमावस्या मूल 08:11 18:31
28-12-1943 द्वितीया पूर्वाषाढ़ा 08:12 18:32
29-12-1943 तृतीया उत्तराषाढ़ा 08:12 18:33
30-12-1943 चतुर्थी धनिष्ठा 08:12 18:33
31-12-1943 पंचमी शतभिषा 08:13 18:34

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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