व्रत और त्योहार — जून 2033

दिल्ली, Delhi, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
07-06-2033
मंगलवार
दशमी, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ
त्योहार गंगा दशहरा
08-06-2033
बुधवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत निर्जला एकादशी
10-06-2033
शुक्रवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
12-06-2033
रविवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत पूर्णिमा
15-06-2033
बुधवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
आषाढ़
संक्रांति मिथुन संक्रांति · 07:51
16-06-2033
गुरुवार
चतुर्थी, कृष्ण पक्ष
आषाढ़
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
23-06-2033
गुरुवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
आषाढ़
व्रत योगिनी एकादशी
24-06-2033
शुक्रवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
आषाढ़
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
25-06-2033
शनिवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
आषाढ़
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
26-06-2033
रविवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
आषाढ़
व्रत अमावस्या
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-06-2033 चतुर्थी पुनर्वसु 05:23 19:14
02-06-2033 पंचमी पुष्य 05:23 19:15
03-06-2033 षष्ठी आश्लेषा 05:22 19:15
04-06-2033 सप्तमी मघा 05:22 19:16
05-06-2033 अष्टमी पूर्वा फाल्गुनी 05:22 19:16
06-06-2033 नवमी उत्तरा फाल्गुनी 05:22 19:17
07-06-2033 दशमी हस्त 05:22 19:17
08-06-2033 एकादशी चित्रा 05:22 19:18
09-06-2033 द्वादशी स्वाति 05:22 19:18
10-06-2033 त्रयोदशी विशाखा 05:22 19:18
11-06-2033 चतुर्दशी विशाखा 05:22 19:19
12-06-2033 पूर्णिमा अनुराधा 05:22 19:19
13-06-2033 प्रतिपदा ज्येष्ठा 05:22 19:20
14-06-2033 द्वितीया मूल 05:22 19:20
15-06-2033 तृतीया पूर्वाषाढ़ा 05:22 19:20
16-06-2033 चतुर्थी उत्तराषाढ़ा 05:22 19:20
17-06-2033 पंचमी श्रवण 05:22 19:21
18-06-2033 षष्ठी शतभिषा 05:23 19:21
19-06-2033 सप्तमी पूर्वा भाद्रपद 05:23 19:21
20-06-2033 अष्टमी उत्तरा भाद्रपद 05:23 19:22
21-06-2033 नवमी रेवती 05:23 19:22
22-06-2033 दशमी अश्विनी 05:23 19:22
23-06-2033 एकादशी भरणी 05:24 19:22
24-06-2033 द्वादशी कृत्तिका 05:24 19:22
25-06-2033 त्रयोदशी रोहिणी 05:24 19:22
26-06-2033 अमावस्या मृगशिरा 05:24 19:23
27-06-2033 प्रतिपदा आर्द्रा 05:25 19:23
28-06-2033 द्वितीया पुनर्वसु 05:25 19:23
29-06-2033 तृतीया पुष्य 05:25 19:23
30-06-2033 चतुर्थी आश्लेषा 05:26 19:23

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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