व्रत और त्योहार — दिसंबर 2066

दिल्ली, Delhi, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
01-12-2066
बुधवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत पूर्णिमा
05-12-2066
रविवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
13-12-2066
सोमवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत सफला एकादशी
14-12-2066
मंगलवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
15-12-2066
बुधवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
16-12-2066
गुरुवार
चतुर्दशी, कृष्ण पक्ष
पौष
संक्रांति धनु संक्रांति · 16:38
27-12-2066
सोमवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत पौष पुत्रदा एकादशी
28-12-2066
मंगलवार
द्वादशी, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
31-12-2066
शुक्रवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत पूर्णिमा
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-12-2066 पूर्णिमा कृत्तिका 06:56 17:23
02-12-2066 प्रतिपदा रोहिणी 06:56 17:23
03-12-2066 द्वितीया मृगशिरा 06:57 17:23
04-12-2066 तृतीया आर्द्रा 06:58 17:23
05-12-2066 तृतीया पुनर्वसु 06:59 17:24
06-12-2066 चतुर्थी पुष्य 06:59 17:24
07-12-2066 पंचमी आश्लेषा 07:00 17:24
08-12-2066 षष्ठी आश्लेषा 07:01 17:24
09-12-2066 सप्तमी मघा 07:01 17:24
10-12-2066 अष्टमी पूर्वा फाल्गुनी 07:02 17:24
11-12-2066 नवमी उत्तरा फाल्गुनी 07:03 17:25
12-12-2066 दशमी हस्त 07:03 17:25
13-12-2066 एकादशी चित्रा 07:04 17:25
14-12-2066 द्वादशी स्वाति 07:05 17:25
15-12-2066 त्रयोदशी विशाखा 07:05 17:26
16-12-2066 चतुर्दशी अनुराधा 07:06 17:26
17-12-2066 प्रतिपदा मूल 07:07 17:27
18-12-2066 द्वितीया पूर्वाषाढ़ा 07:07 17:27
19-12-2066 तृतीया उत्तराषाढ़ा 07:08 17:27
20-12-2066 चतुर्थी श्रवण 07:08 17:28
21-12-2066 पंचमी धनिष्ठा 07:09 17:28
22-12-2066 षष्ठी शतभिषा 07:09 17:29
23-12-2066 सप्तमी पूर्वा भाद्रपद 07:10 17:29
24-12-2066 अष्टमी उत्तरा भाद्रपद 07:10 17:30
25-12-2066 नवमी रेवती 07:11 17:31
26-12-2066 दशमी अश्विनी 07:11 17:31
27-12-2066 एकादशी भरणी 07:11 17:32
28-12-2066 द्वादशी कृत्तिका 07:12 17:32
29-12-2066 त्रयोदशी रोहिणी 07:12 17:33
30-12-2066 चतुर्दशी मृगशिरा 07:12 17:34
31-12-2066 पूर्णिमा आर्द्रा 07:13 17:34

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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