बुध का विशाखा नक्षत्र में प्रवेश 12 अक्टूबर 2026: हर जन्म नक्षत्र पर प्रभाव
✨ प्रकाशित 06-10-2026, 05:05
बुध 12 अक्टूबर 2026 को 18:42 बजे स्वाति से विशाखा नक्षत्र में जाएंगे। सभी 27 जन्म नक्षत्रों पर प्रभाव।
बुध 12 अक्टूबर 2026 को 18:42 बजे (भारतीय समय, नई दिल्ली) स्वाति से निकलकर विशाखा नक्षत्र (तुला राशि) में प्रवेश करेंगे।
विशाखा नक्षत्र
स्वामी गुरु; देवता इंद्र और अग्नि, प्रतीक तोरण द्वार। स्वभाव मिश्र, गण राक्षस।
बुध व्यापार, संवाद, पढ़ाई, लेखन और बाज़ार के कारक हैं; आने वाले समय में इन विषयों पर विशाखा और इसके स्वामी गुरु का रंग रहेगा।
हर जन्म नक्षत्र के लिए (तारा बल)
अपने जन्म नक्षत्र से गिनकर, जिस नक्षत्र में ग्रह अब प्रवेश कर रहा है:
- पुनर्वसु, विशाखा, पूर्वा भाद्रपद — जन्म तारा (आपका अपना नक्षत्र): व्यापार और पढ़ाई का दबाव मन और शरीर पर — दिनचर्या स्थिर रखें, जल्दबाज़ी के निर्णय टालें।
- आर्द्रा, स्वाति, शतभिषा — संपत तारा (धन): व्यापार और पढ़ाई से लाभ और सहयोग।
- मृगशिरा, चित्रा, धनिष्ठा — विपत तारा (विपत्ति): व्यापार और पढ़ाई में बाधा और हानि — वचन देने से पहले जांच लें।
- रोहिणी, हस्त, श्रवण — क्षेम तारा (कुशलता): व्यापार और पढ़ाई में सुख और सहजता।
- कृत्तिका, उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा — प्रत्यक तारा (विरोध): व्यापार और पढ़ाई में दूसरे आड़े आ सकते हैं — विवाद टालें।
- भरणी, पूर्वा फाल्गुनी, पूर्वाषाढ़ा — साधना तारा (सिद्धि): व्यापार और पढ़ाई में प्रयास सफल — कार्य पूरा करने का अच्छा समय।
- अश्विनी, मघा, मूल — नैधन तारा (सबसे कठिन): स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें और व्यापार और पढ़ाई में जोखिम न लें।
- आश्लेषा, ज्येष्ठा, रेवती — मित्र तारा: व्यापार और पढ़ाई में मित्र और शुभचिंतक सहायता करेंगे।
- पुष्य, अनुराधा, उत्तरा भाद्रपद — परम मित्र तारा: व्यापार और पढ़ाई में प्रबल सहयोग और शुभ समाचार।
नक्षत्र गोचर राशि गोचर और आपकी कुंडली की दशा के ऊपर एक सूक्ष्म परत है; यह सप्ताहों का रंग बताता है, निर्णय नहीं करता।
सामान्य फल केवल शुरुआत है: देखें कि यह आपकी अपनी कुंडली में कैसा है।