व्रत और त्योहार — फ़रवरी 2086

दिल्ली, Delhi, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
02-02-2086
शनिवार
चतुर्थी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
10-02-2086
रविवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत विजया एकादशी
11-02-2086
सोमवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत सोम प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
12-02-2086
मंगलवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
त्योहार महाशिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
13-02-2086
बुधवार
चतुर्दशी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
संक्रांति कुंभ संक्रांति · 13:24
24-02-2086
रविवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
फाल्गुन
व्रत आमलकी एकादशी
25-02-2086
सोमवार
द्वादशी, शुक्ल पक्ष
फाल्गुन
व्रत सोम प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
27-02-2086
बुधवार
चतुर्दशी, शुक्ल पक्ष
फाल्गुन
त्योहार होलिका दहन · प्रदोष काल में
28-02-2086
गुरुवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
फाल्गुन
व्रत पूर्णिमा
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-02-2086 तृतीया मघा 07:08 18:00
02-02-2086 चतुर्थी पूर्वा फाल्गुनी 07:08 18:01
03-02-2086 चतुर्थी उत्तरा फाल्गुनी 07:07 18:02
04-02-2086 पंचमी हस्त 07:06 18:03
05-02-2086 षष्ठी चित्रा 07:06 18:03
06-02-2086 सप्तमी स्वाति 07:05 18:04
07-02-2086 अष्टमी विशाखा 07:04 18:05
08-02-2086 नवमी अनुराधा 07:04 18:06
09-02-2086 दशमी ज्येष्ठा 07:03 18:06
10-02-2086 एकादशी मूल 07:02 18:07
11-02-2086 द्वादशी पूर्वाषाढ़ा 07:02 18:08
12-02-2086 त्रयोदशी उत्तराषाढ़ा 07:01 18:09
13-02-2086 चतुर्दशी श्रवण 07:00 18:10
14-02-2086 प्रतिपदा धनिष्ठा 06:59 18:10
15-02-2086 द्वितीया शतभिषा 06:58 18:11
16-02-2086 तृतीया पूर्वा भाद्रपद 06:58 18:12
17-02-2086 चतुर्थी रेवती 06:57 18:12
18-02-2086 पंचमी अश्विनी 06:56 18:13
19-02-2086 षष्ठी भरणी 06:55 18:14
20-02-2086 सप्तमी कृत्तिका 06:54 18:15
21-02-2086 अष्टमी रोहिणी 06:53 18:15
22-02-2086 नवमी मृगशिरा 06:52 18:16
23-02-2086 दशमी आर्द्रा 06:51 18:17
24-02-2086 एकादशी पुनर्वसु 06:50 18:17
25-02-2086 द्वादशी पुष्य 06:49 18:18
26-02-2086 त्रयोदशी पुष्य 06:48 18:19
27-02-2086 चतुर्दशी आश्लेषा 06:47 18:19
28-02-2086 पूर्णिमा मघा 06:46 18:20

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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