व्रत और त्योहार — दिसंबर 2100

दिल्ली, Delhi, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
01-12-2100
बुधवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत अमावस्या
12-12-2100
रविवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
त्योहार गीता जयंतीव्रत मोक्षदा एकादशी
13-12-2100
सोमवार
द्वादशी, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत सोम प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
16-12-2100
गुरुवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत पूर्णिमा
17-12-2100
शुक्रवार
प्रतिपदा, कृष्ण पक्ष
पौष
संक्रांति धनु संक्रांति · 09:47
20-12-2100
सोमवार
चतुर्थी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
27-12-2100
सोमवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत सफला एकादशी
28-12-2100
मंगलवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
29-12-2100
बुधवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-12-2100 अमावस्या अनुराधा 06:55 17:23
02-12-2100 प्रतिपदा ज्येष्ठा 06:56 17:23
03-12-2100 द्वितीया मूल 06:57 17:23
04-12-2100 तृतीया पूर्वाषाढ़ा 06:58 17:23
05-12-2100 पंचमी उत्तराषाढ़ा 06:58 17:23
06-12-2100 षष्ठी श्रवण 06:59 17:24
07-12-2100 सप्तमी धनिष्ठा 07:00 17:24
08-12-2100 अष्टमी शतभिषा 07:01 17:24
09-12-2100 नवमी पूर्वा भाद्रपद 07:01 17:24
10-12-2100 नवमी उत्तरा भाद्रपद 07:02 17:24
11-12-2100 दशमी रेवती 07:03 17:25
12-12-2100 एकादशी अश्विनी 07:03 17:25
13-12-2100 द्वादशी भरणी 07:04 17:25
14-12-2100 त्रयोदशी कृत्तिका 07:05 17:25
15-12-2100 चतुर्दशी कृत्तिका 07:05 17:26
16-12-2100 पूर्णिमा रोहिणी 07:06 17:26
17-12-2100 प्रतिपदा मृगशिरा 07:06 17:26
18-12-2100 द्वितीया आर्द्रा 07:07 17:27
19-12-2100 तृतीया पुनर्वसु 07:08 17:27
20-12-2100 चतुर्थी पुष्य 07:08 17:28
21-12-2100 पंचमी आश्लेषा 07:09 17:28
22-12-2100 षष्ठी मघा 07:09 17:29
23-12-2100 सप्तमी पूर्वा फाल्गुनी 07:10 17:29
24-12-2100 अष्टमी उत्तरा फाल्गुनी 07:10 17:30
25-12-2100 नवमी हस्त 07:10 17:30
26-12-2100 दशमी चित्रा 07:11 17:31
27-12-2100 एकादशी स्वाति 07:11 17:32
28-12-2100 द्वादशी विशाखा 07:12 17:32
29-12-2100 त्रयोदशी अनुराधा 07:12 17:33
30-12-2100 चतुर्दशी मूल 07:12 17:33
31-12-2100 प्रतिपदा पूर्वाषाढ़ा 07:13 17:34

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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