व्रत और त्योहार — मार्च 1937

जयपुर, Jaipur, Rajasthan, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
09-03-1937
मंगलवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत विजया एकादशी
10-03-1937
बुधवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
11-03-1937
गुरुवार
चतुर्दशी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
त्योहार महाशिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
12-03-1937
शुक्रवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत अमावस्या
14-03-1937
रविवार
द्वितीया, शुक्ल पक्ष
फाल्गुन
संक्रांति मीन संक्रांति · 05:01
22-03-1937
सोमवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
फाल्गुन
व्रत आमलकी एकादशी
24-03-1937
बुधवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
फाल्गुन
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
26-03-1937
शुक्रवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
फाल्गुन
त्योहार होलिका दहन · प्रदोष काल मेंव्रत पूर्णिमा
27-03-1937
शनिवार
प्रतिपदा, कृष्ण पक्ष
चैत्र
त्योहार होली
30-03-1937
मंगलवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
चैत्र
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-03-1937 चतुर्थी चित्रा 06:51 18:27
02-03-1937 पंचमी स्वाति 06:50 18:28
03-03-1937 षष्ठी विशाखा 06:49 18:28
04-03-1937 सप्तमी अनुराधा 06:48 18:29
05-03-1937 अष्टमी ज्येष्ठा 06:47 18:30
06-03-1937 नवमी ज्येष्ठा 06:46 18:30
07-03-1937 दशमी मूल 06:45 18:31
08-03-1937 दशमी पूर्वाषाढ़ा 06:44 18:31
09-03-1937 एकादशी उत्तराषाढ़ा 06:43 18:32
10-03-1937 द्वादशी श्रवण 06:42 18:32
11-03-1937 चतुर्दशी धनिष्ठा 06:41 18:33
12-03-1937 अमावस्या शतभिषा 06:40 18:33
13-03-1937 प्रतिपदा पूर्वा भाद्रपद 06:39 18:34
14-03-1937 द्वितीया रेवती 06:38 18:34
15-03-1937 तृतीया अश्विनी 06:36 18:35
16-03-1937 चतुर्थी भरणी 06:35 18:36
17-03-1937 पंचमी कृत्तिका 06:34 18:36
18-03-1937 षष्ठी रोहिणी 06:33 18:37
19-03-1937 अष्टमी मृगशिरा 06:32 18:37
20-03-1937 नवमी आर्द्रा 06:31 18:38
21-03-1937 दशमी पुनर्वसु 06:30 18:38
22-03-1937 एकादशी पुष्य 06:29 18:39
23-03-1937 द्वादशी आश्लेषा 06:28 18:39
24-03-1937 त्रयोदशी मघा 06:27 18:40
25-03-1937 चतुर्दशी पूर्वा फाल्गुनी 06:25 18:40
26-03-1937 पूर्णिमा उत्तरा फाल्गुनी 06:24 18:41
27-03-1937 प्रतिपदा हस्त 06:23 18:41
28-03-1937 द्वितीया चित्रा 06:22 18:42
29-03-1937 द्वितीया स्वाति 06:21 18:42
30-03-1937 तृतीया स्वाति 06:20 18:42
31-03-1937 चतुर्थी विशाखा 06:19 18:43

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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