व्रत और त्योहार — दिसंबर 2018

जयपुर, Jaipur, Rajasthan, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
03-12-2018
सोमवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत उत्पन्ना एकादशी
04-12-2018
मंगलवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
05-12-2018
बुधवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
07-12-2018
शुक्रवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत अमावस्या
16-12-2018
रविवार
नवमी, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
संक्रांति धनु संक्रांति · 09:09
19-12-2018
बुधवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
त्योहार गीता जयंतीव्रत मोक्षदा एकादशी
20-12-2018
गुरुवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
22-12-2018
शनिवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत पूर्णिमा
25-12-2018
मंगलवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-12-2018 नवमी उत्तरा फाल्गुनी 06:58 17:33
02-12-2018 दशमी हस्त 06:58 17:33
03-12-2018 एकादशी चित्रा 06:59 17:33
04-12-2018 द्वादशी स्वाति 07:00 17:33
05-12-2018 त्रयोदशी विशाखा 07:01 17:33
06-12-2018 चतुर्दशी अनुराधा 07:01 17:33
07-12-2018 अमावस्या ज्येष्ठा 07:02 17:33
08-12-2018 प्रतिपदा मूल 07:03 17:33
09-12-2018 द्वितीया मूल 07:03 17:34
10-12-2018 तृतीया पूर्वाषाढ़ा 07:04 17:34
11-12-2018 चतुर्थी उत्तराषाढ़ा 07:05 17:34
12-12-2018 पंचमी श्रवण 07:05 17:34
13-12-2018 षष्ठी धनिष्ठा 07:06 17:35
14-12-2018 सप्तमी शतभिषा 07:07 17:35
15-12-2018 अष्टमी पूर्वा भाद्रपद 07:07 17:35
16-12-2018 नवमी उत्तरा भाद्रपद 07:08 17:36
17-12-2018 नवमी रेवती 07:08 17:36
18-12-2018 दशमी अश्विनी 07:09 17:37
19-12-2018 एकादशी भरणी 07:10 17:37
20-12-2018 त्रयोदशी कृत्तिका 07:10 17:37
21-12-2018 चतुर्दशी रोहिणी 07:11 17:38
22-12-2018 पूर्णिमा मृगशिरा 07:11 17:38
23-12-2018 प्रतिपदा आर्द्रा 07:12 17:39
24-12-2018 द्वितीया पुनर्वसु 07:12 17:40
25-12-2018 तृतीया पुष्य 07:13 17:40
26-12-2018 चतुर्थी आश्लेषा 07:13 17:41
27-12-2018 पंचमी मघा 07:13 17:41
28-12-2018 सप्तमी पूर्वा फाल्गुनी 07:14 17:42
29-12-2018 अष्टमी उत्तरा फाल्गुनी 07:14 17:42
30-12-2018 नवमी हस्त 07:14 17:43
31-12-2018 दशमी चित्रा 07:15 17:44

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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