व्रत और त्योहार — फ़रवरी 2068

जयपुर, Jaipur, Rajasthan, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
01-02-2068
बुधवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
03-02-2068
शुक्रवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत अमावस्या
07-02-2068
मंगलवार
पंचमी, शुक्ल पक्ष
माघ
त्योहार वसंत पंचमी
13-02-2068
सोमवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत जया एकादशीसंक्रांति कुंभ संक्रांति · 22:28
15-02-2068
बुधवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
18-02-2068
शनिवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत पूर्णिमा
21-02-2068
मंगलवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
29-02-2068
बुधवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत विजया एकादशी
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-02-2068 त्रयोदशी मूल 07:12 18:08
02-02-2068 चतुर्दशी उत्तराषाढ़ा 07:11 18:09
03-02-2068 अमावस्या श्रवण 07:11 18:10
04-02-2068 प्रतिपदा धनिष्ठा 07:10 18:10
05-02-2068 द्वितीया शतभिषा 07:10 18:11
06-02-2068 तृतीया पूर्वा भाद्रपद 07:09 18:12
07-02-2068 पंचमी उत्तरा भाद्रपद 07:08 18:13
08-02-2068 षष्ठी रेवती 07:08 18:13
09-02-2068 सप्तमी अश्विनी 07:07 18:14
10-02-2068 अष्टमी भरणी 07:06 18:15
11-02-2068 नवमी कृत्तिका 07:06 18:16
12-02-2068 दशमी रोहिणी 07:05 18:16
13-02-2068 एकादशी मृगशिरा 07:04 18:17
14-02-2068 द्वादशी आर्द्रा 07:04 18:18
15-02-2068 त्रयोदशी पुनर्वसु 07:03 18:18
16-02-2068 चतुर्दशी पुष्य 07:02 18:19
17-02-2068 चतुर्दशी आश्लेषा 07:01 18:20
18-02-2068 पूर्णिमा मघा 07:00 18:20
19-02-2068 प्रतिपदा पूर्वा फाल्गुनी 07:00 18:21
20-02-2068 द्वितीया उत्तरा फाल्गुनी 06:59 18:22
21-02-2068 तृतीया उत्तरा फाल्गुनी 06:58 18:22
22-02-2068 चतुर्थी हस्त 06:57 18:23
23-02-2068 पंचमी चित्रा 06:56 18:24
24-02-2068 षष्ठी स्वाति 06:55 18:24
25-02-2068 सप्तमी विशाखा 06:54 18:25
26-02-2068 अष्टमी अनुराधा 06:53 18:25
27-02-2068 नवमी ज्येष्ठा 06:52 18:26
28-02-2068 दशमी मूल 06:51 18:27
29-02-2068 एकादशी पूर्वाषाढ़ा 06:50 18:27

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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