व्रत और त्योहार — दिसंबर 1938

जमशेदपुर, Purba Singhbhum, Jharkhand, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
03-12-1938
शनिवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
त्योहार गीता जयंतीव्रत मोक्षदा एकादशी
05-12-1938
सोमवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत सोम प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
07-12-1938
बुधवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत पूर्णिमा
10-12-1938
शनिवार
चतुर्थी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
15-12-1938
गुरुवार
नवमी, कृष्ण पक्ष
पौष
संक्रांति धनु संक्रांति · 20:56
17-12-1938
शनिवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत सफला एकादशी
19-12-1938
सोमवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत सोम प्रदोष व्रत · प्रदोष काल मेंव्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
21-12-1938
बुधवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत अमावस्या
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-12-1938 नवमी पूर्वा भाद्रपद 06:08 16:59
02-12-1938 दशमी उत्तरा भाद्रपद 06:08 16:59
03-12-1938 एकादशी रेवती 06:09 16:59
04-12-1938 द्वादशी अश्विनी 06:10 17:00
05-12-1938 त्रयोदशी भरणी 06:11 17:00
06-12-1938 चतुर्दशी कृत्तिका 06:11 17:00
07-12-1938 पूर्णिमा रोहिणी 06:12 17:00
08-12-1938 प्रतिपदा मृगशिरा 06:12 17:00
09-12-1938 द्वितीया आर्द्रा 06:13 17:00
10-12-1938 चतुर्थी पुनर्वसु 06:14 17:01
11-12-1938 पंचमी पुष्य 06:14 17:01
12-12-1938 षष्ठी आश्लेषा 06:15 17:01
13-12-1938 सप्तमी पूर्वा फाल्गुनी 06:16 17:02
14-12-1938 अष्टमी उत्तरा फाल्गुनी 06:16 17:02
15-12-1938 नवमी हस्त 06:17 17:02
16-12-1938 दशमी चित्रा 06:17 17:03
17-12-1938 एकादशी स्वाति 06:18 17:03
18-12-1938 द्वादशी विशाखा 06:19 17:04
19-12-1938 त्रयोदशी विशाखा 06:19 17:04
20-12-1938 चतुर्दशी अनुराधा 06:20 17:04
21-12-1938 अमावस्या ज्येष्ठा 06:20 17:05
22-12-1938 प्रतिपदा मूल 06:21 17:05
23-12-1938 द्वितीया पूर्वाषाढ़ा 06:21 17:06
24-12-1938 तृतीया उत्तराषाढ़ा 06:22 17:06
25-12-1938 तृतीया श्रवण 06:22 17:07
26-12-1938 चतुर्थी धनिष्ठा 06:23 17:08
27-12-1938 पंचमी शतभिषा 06:23 17:08
28-12-1938 षष्ठी पूर्वा भाद्रपद 06:23 17:09
29-12-1938 सप्तमी पूर्वा भाद्रपद 06:24 17:09
30-12-1938 अष्टमी उत्तरा भाद्रपद 06:24 17:10
31-12-1938 नवमी रेवती 06:25 17:10

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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