व्रत और त्योहार — अप्रैल 2045

जमशेदपुर, Purba Singhbhum, Jharkhand, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
01-04-2045
शनिवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
चैत्र
त्योहार हनुमान जयंतीव्रत पूर्णिमा
04-04-2045
मंगलवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
वैशाख
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
13-04-2045
गुरुवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
वैशाख
व्रत वरूथिनी एकादशी
14-04-2045
शुक्रवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
वैशाख
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल मेंसंक्रांति मेष संक्रांति (बैसाखी) · 06:18
15-04-2045
शनिवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
वैशाख
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
17-04-2045
सोमवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
वैशाख
व्रत अमावस्या
20-04-2045
गुरुवार
तृतीया, शुक्ल पक्ष
वैशाख
त्योहार अक्षय तृतीया
27-04-2045
गुरुवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
वैशाख
व्रत मोहिनी एकादशी
28-04-2045
शुक्रवार
द्वादशी, शुक्ल पक्ष
वैशाख
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-04-2045 पूर्णिमा उत्तरा फाल्गुनी 05:37 18:00
02-04-2045 प्रतिपदा हस्त 05:36 18:01
03-04-2045 द्वितीया चित्रा 05:35 18:01
04-04-2045 तृतीया स्वाति 05:34 18:02
05-04-2045 चतुर्थी विशाखा 05:33 18:02
06-04-2045 पंचमी अनुराधा 05:32 18:02
07-04-2045 षष्ठी ज्येष्ठा 05:31 18:03
08-04-2045 सप्तमी मूल 05:30 18:03
09-04-2045 अष्टमी पूर्वाषाढ़ा 05:30 18:03
10-04-2045 नवमी उत्तराषाढ़ा 05:29 18:04
11-04-2045 दशमी श्रवण 05:28 18:04
12-04-2045 दशमी धनिष्ठा 05:27 18:04
13-04-2045 एकादशी शतभिषा 05:26 18:05
14-04-2045 द्वादशी पूर्वा भाद्रपद 05:25 18:05
15-04-2045 त्रयोदशी उत्तरा भाद्रपद 05:24 18:06
16-04-2045 चतुर्दशी उत्तरा भाद्रपद 05:23 18:06
17-04-2045 अमावस्या रेवती 05:23 18:06
18-04-2045 प्रतिपदा अश्विनी 05:22 18:07
19-04-2045 द्वितीया भरणी 05:21 18:07
20-04-2045 तृतीया कृत्तिका 05:20 18:08
21-04-2045 चतुर्थी मृगशिरा 05:19 18:08
22-04-2045 पंचमी आर्द्रा 05:18 18:08
23-04-2045 सप्तमी पुनर्वसु 05:18 18:09
24-04-2045 अष्टमी पुष्य 05:17 18:09
25-04-2045 नवमी आश्लेषा 05:16 18:10
26-04-2045 दशमी मघा 05:15 18:10
27-04-2045 एकादशी पूर्वा फाल्गुनी 05:15 18:10
28-04-2045 द्वादशी उत्तरा फाल्गुनी 05:14 18:11
29-04-2045 त्रयोदशी हस्त 05:13 18:11
30-04-2045 चतुर्दशी चित्रा 05:12 18:12

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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