व्रत और त्योहार — मई 1942

Kallakurichi, Kallakurichi district, Tamil Nadu, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
03-05-1942
रविवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
10-05-1942
रविवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत अपरा एकादशी
12-05-1942
मंगलवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
13-05-1942
बुधवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
14-05-1942
गुरुवार
चतुर्दशी, कृष्ण पक्ष
ज्येष्ठ
संक्रांति वृषभ संक्रांति · 17:30
15-05-1942
शुक्रवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
ज्येष्ठ
त्योहार वट सावित्री व्रत · शनि जयंतीव्रत अमावस्या
26-05-1942
मंगलवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ (अधिक)
व्रत पद्मिनी एकादशी
30-05-1942
शनिवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ (अधिक)
व्रत पूर्णिमा
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-05-1942 प्रतिपदा स्वाति 05:55 18:27
02-05-1942 द्वितीया अनुराधा 05:54 18:27
03-05-1942 तृतीया ज्येष्ठा 05:54 18:28
04-05-1942 चतुर्थी मूल 05:53 18:28
05-05-1942 पंचमी पूर्वाषाढ़ा 05:53 18:28
06-05-1942 षष्ठी उत्तराषाढ़ा 05:53 18:28
07-05-1942 सप्तमी श्रवण 05:52 18:28
08-05-1942 नवमी धनिष्ठा 05:52 18:28
09-05-1942 दशमी शतभिषा 05:52 18:29
10-05-1942 एकादशी पूर्वा भाद्रपद 05:51 18:29
11-05-1942 द्वादशी उत्तरा भाद्रपद 05:51 18:29
12-05-1942 द्वादशी रेवती 05:51 18:29
13-05-1942 त्रयोदशी अश्विनी 05:50 18:29
14-05-1942 चतुर्दशी भरणी 05:50 18:30
15-05-1942 अमावस्या कृत्तिका 05:50 18:30
16-05-1942 प्रतिपदा कृत्तिका 05:50 18:30
17-05-1942 द्वितीया रोहिणी 05:50 18:30
18-05-1942 तृतीया मृगशिरा 05:49 18:31
19-05-1942 चतुर्थी आर्द्रा 05:49 18:31
20-05-1942 पंचमी पुनर्वसु 05:49 18:31
21-05-1942 षष्ठी पुष्य 05:49 18:31
22-05-1942 सप्तमी आश्लेषा 05:49 18:32
23-05-1942 अष्टमी मघा 05:49 18:32
24-05-1942 नवमी पूर्वा फाल्गुनी 05:49 18:32
25-05-1942 दशमी उत्तरा फाल्गुनी 05:48 18:32
26-05-1942 एकादशी हस्त 05:48 18:33
27-05-1942 द्वादशी चित्रा 05:48 18:33
28-05-1942 त्रयोदशी स्वाति 05:48 18:33
29-05-1942 चतुर्दशी विशाखा 05:48 18:34
30-05-1942 पूर्णिमा अनुराधा 05:48 18:34
31-05-1942 प्रतिपदा ज्येष्ठा 05:48 18:34

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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