व्रत और त्योहार — फ़रवरी 2009

कानपुर, Kānpur, Uttar Pradesh, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
06-02-2009
शुक्रवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत जया एकादशी
07-02-2009
शनिवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत शनि प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
09-02-2009
सोमवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत पूर्णिमा
12-02-2009
गुरुवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय परसंक्रांति कुंभ संक्रांति · 19:23
20-02-2009
शुक्रवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत विजया एकादशी
22-02-2009
रविवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
23-02-2009
सोमवार
चतुर्दशी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
त्योहार महाशिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
24-02-2009
मंगलवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत अमावस्या
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-02-2009 षष्ठी रेवती 06:53 17:51
02-02-2009 सप्तमी अश्विनी 06:52 17:52
03-02-2009 अष्टमी भरणी 06:52 17:52
04-02-2009 नवमी कृत्तिका 06:51 17:53
05-02-2009 दशमी रोहिणी 06:51 17:54
06-02-2009 एकादशी मृगशिरा 06:50 17:55
07-02-2009 त्रयोदशी आर्द्रा 06:49 17:55
08-02-2009 चतुर्दशी पुष्य 06:49 17:56
09-02-2009 पूर्णिमा आश्लेषा 06:48 17:57
10-02-2009 प्रतिपदा मघा 06:48 17:57
11-02-2009 द्वितीया पूर्वा फाल्गुनी 06:47 17:58
12-02-2009 तृतीया उत्तरा फाल्गुनी 06:46 17:59
13-02-2009 चतुर्थी हस्त 06:45 18:00
14-02-2009 पंचमी चित्रा 06:45 18:00
15-02-2009 षष्ठी स्वाति 06:44 18:01
16-02-2009 सप्तमी विशाखा 06:43 18:02
17-02-2009 अष्टमी अनुराधा 06:42 18:02
18-02-2009 नवमी ज्येष्ठा 06:42 18:03
19-02-2009 दशमी ज्येष्ठा 06:41 18:03
20-02-2009 एकादशी मूल 06:40 18:04
21-02-2009 द्वादशी पूर्वाषाढ़ा 06:39 18:05
22-02-2009 त्रयोदशी उत्तराषाढ़ा 06:38 18:05
23-02-2009 चतुर्दशी श्रवण 06:37 18:06
24-02-2009 अमावस्या धनिष्ठा 06:36 18:07
25-02-2009 अमावस्या शतभिषा 06:36 18:07
26-02-2009 प्रतिपदा पूर्वा भाद्रपद 06:35 18:08
27-02-2009 द्वितीया उत्तरा भाद्रपद 06:34 18:08
28-02-2009 तृतीया रेवती 06:33 18:09

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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