व्रत और त्योहार — मई 1938

कलकत्ता, Kolkata, West Bengal, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
02-05-1938
सोमवार
द्वितीया, शुक्ल पक्ष
वैशाख
त्योहार अक्षय तृतीया
10-05-1938
मंगलवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
वैशाख
व्रत मोहिनी एकादशी
11-05-1938
बुधवार
द्वादशी, शुक्ल पक्ष
वैशाख
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
14-05-1938
शनिवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
वैशाख
त्योहार बुद्ध पूर्णिमाव्रत पूर्णिमासंक्रांति वृषभ संक्रांति · 16:50
17-05-1938
मंगलवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
26-05-1938
गुरुवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत अपरा एकादशी
27-05-1938
शुक्रवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
29-05-1938
रविवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
ज्येष्ठ
त्योहार वट सावित्री व्रत · शनि जयंतीव्रत अमावस्या
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-05-1938 प्रतिपदा कृत्तिका 05:04 18:03
02-05-1938 द्वितीया रोहिणी 05:03 18:03
03-05-1938 चतुर्थी मृगशिरा 05:03 18:03
04-05-1938 पंचमी आर्द्रा 05:02 18:04
05-05-1938 षष्ठी पुनर्वसु 05:01 18:04
06-05-1938 सप्तमी पुष्य 05:01 18:05
07-05-1938 अष्टमी आश्लेषा 05:00 18:05
08-05-1938 नवमी मघा 05:00 18:06
09-05-1938 दशमी पूर्वा फाल्गुनी 04:59 18:06
10-05-1938 एकादशी उत्तरा फाल्गुनी 04:59 18:07
11-05-1938 द्वादशी हस्त 04:58 18:07
12-05-1938 त्रयोदशी चित्रा 04:57 18:07
13-05-1938 चतुर्दशी स्वाति 04:57 18:08
14-05-1938 पूर्णिमा विशाखा 04:56 18:08
15-05-1938 प्रतिपदा अनुराधा 04:56 18:09
16-05-1938 द्वितीया ज्येष्ठा 04:56 18:09
17-05-1938 तृतीया मूल 04:55 18:10
18-05-1938 चतुर्थी मूल 04:55 18:10
19-05-1938 पंचमी पूर्वाषाढ़ा 04:54 18:11
20-05-1938 षष्ठी उत्तराषाढ़ा 04:54 18:11
21-05-1938 सप्तमी श्रवण 04:54 18:12
22-05-1938 सप्तमी धनिष्ठा 04:53 18:12
23-05-1938 अष्टमी शतभिषा 04:53 18:12
24-05-1938 नवमी पूर्वा भाद्रपद 04:53 18:13
25-05-1938 दशमी उत्तरा भाद्रपद 04:52 18:13
26-05-1938 एकादशी रेवती 04:52 18:14
27-05-1938 त्रयोदशी अश्विनी 04:52 18:14
28-05-1938 चतुर्दशी भरणी 04:52 18:15
29-05-1938 अमावस्या कृत्तिका 04:51 18:15
30-05-1938 प्रतिपदा रोहिणी 04:51 18:16
31-05-1938 द्वितीया मृगशिरा 04:51 18:16

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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