व्रत और त्योहार — मार्च 2043

कलकत्ता, Kolkata, West Bengal, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
07-03-2043
शनिवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत विजया एकादशी
09-03-2043
सोमवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
त्योहार महाशिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) मेंव्रत सोम प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
11-03-2043
बुधवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत अमावस्या
15-03-2043
रविवार
पंचमी, शुक्ल पक्ष
फाल्गुन
संक्रांति मीन संक्रांति · 09:23
21-03-2043
शनिवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
फाल्गुन
व्रत आमलकी एकादशी
22-03-2043
रविवार
द्वादशी, शुक्ल पक्ष
फाल्गुन
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
25-03-2043
बुधवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
फाल्गुन
त्योहार होलिका दहन · प्रदोष काल मेंव्रत पूर्णिमा
26-03-2043
गुरुवार
प्रतिपदा, कृष्ण पक्ष
चैत्र
त्योहार होली
29-03-2043
रविवार
चतुर्थी, कृष्ण पक्ष
चैत्र
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-03-2043 पंचमी स्वाति 05:57 17:40
02-03-2043 षष्ठी विशाखा 05:57 17:40
03-03-2043 सप्तमी अनुराधा 05:56 17:41
04-03-2043 अष्टमी ज्येष्ठा 05:55 17:41
05-03-2043 नवमी मूल 05:54 17:41
06-03-2043 दशमी मूल 05:53 17:42
07-03-2043 एकादशी पूर्वाषाढ़ा 05:52 17:42
08-03-2043 द्वादशी उत्तराषाढ़ा 05:51 17:43
09-03-2043 त्रयोदशी श्रवण 05:51 17:43
10-03-2043 चतुर्दशी धनिष्ठा 05:50 17:43
11-03-2043 अमावस्या पूर्वा भाद्रपद 05:49 17:44
12-03-2043 प्रतिपदा उत्तरा भाद्रपद 05:48 17:44
13-03-2043 द्वितीया रेवती 05:47 17:45
14-03-2043 चतुर्थी अश्विनी 05:46 17:45
15-03-2043 पंचमी भरणी 05:45 17:45
16-03-2043 षष्ठी कृत्तिका 05:44 17:46
17-03-2043 सप्तमी रोहिणी 05:43 17:46
18-03-2043 अष्टमी मृगशिरा 05:42 17:46
19-03-2043 नवमी आर्द्रा 05:41 17:47
20-03-2043 दशमी पुनर्वसु 05:40 17:47
21-03-2043 एकादशी पुष्य 05:39 17:48
22-03-2043 द्वादशी आश्लेषा 05:38 17:48
23-03-2043 त्रयोदशी मघा 05:38 17:48
24-03-2043 चतुर्दशी पूर्वा फाल्गुनी 05:37 17:49
25-03-2043 पूर्णिमा उत्तरा फाल्गुनी 05:36 17:49
26-03-2043 प्रतिपदा हस्त 05:35 17:49
27-03-2043 द्वितीया चित्रा 05:34 17:50
28-03-2043 तृतीया स्वाति 05:33 17:50
29-03-2043 चतुर्थी विशाखा 05:32 17:50
30-03-2043 पंचमी विशाखा 05:31 17:51
31-03-2043 पंचमी अनुराधा 05:30 17:51

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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