व्रत और त्योहार — जून 2045

कलकत्ता, Kolkata, West Bengal, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
03-06-2045
शनिवार
चतुर्थी, कृष्ण पक्ष
आषाढ़ (अधिक)
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
11-06-2045
रविवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
आषाढ़ (अधिक)
व्रत परमा एकादशी
12-06-2045
सोमवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
आषाढ़ (अधिक)
व्रत सोम प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
13-06-2045
मंगलवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
आषाढ़ (अधिक)
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
15-06-2045
गुरुवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
आषाढ़ (अधिक)
व्रत अमावस्यासंक्रांति मिथुन संक्रांति · 09:42
24-06-2045
शनिवार
दशमी, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ
त्योहार गंगा दशहरा
25-06-2045
रविवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत निर्जला एकादशी
26-06-2045
सोमवार
द्वादशी, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत सोम प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
29-06-2045
गुरुवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत पूर्णिमा
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-06-2045 द्वितीया मूल 04:51 18:17
02-06-2045 तृतीया मूल 04:51 18:18
03-06-2045 चतुर्थी पूर्वाषाढ़ा 04:51 18:18
04-06-2045 चतुर्थी उत्तराषाढ़ा 04:51 18:18
05-06-2045 पंचमी श्रवण 04:51 18:19
06-06-2045 षष्ठी धनिष्ठा 04:51 18:19
07-06-2045 सप्तमी शतभिषा 04:51 18:19
08-06-2045 अष्टमी पूर्वा भाद्रपद 04:51 18:20
09-06-2045 नवमी उत्तरा भाद्रपद 04:51 18:20
10-06-2045 दशमी रेवती 04:51 18:21
11-06-2045 एकादशी अश्विनी 04:51 18:21
12-06-2045 द्वादशी भरणी 04:51 18:21
13-06-2045 त्रयोदशी कृत्तिका 04:51 18:22
14-06-2045 चतुर्दशी रोहिणी 04:51 18:22
15-06-2045 अमावस्या मृगशिरा 04:51 18:22
16-06-2045 प्रतिपदा आर्द्रा 04:51 18:22
17-06-2045 तृतीया पुनर्वसु 04:51 18:23
18-06-2045 चतुर्थी पुष्य 04:52 18:23
19-06-2045 पंचमी आश्लेषा 04:52 18:23
20-06-2045 षष्ठी मघा 04:52 18:23
21-06-2045 सप्तमी पूर्वा फाल्गुनी 04:52 18:24
22-06-2045 अष्टमी उत्तरा फाल्गुनी 04:52 18:24
23-06-2045 नवमी हस्त 04:53 18:24
24-06-2045 दशमी चित्रा 04:53 18:24
25-06-2045 एकादशी स्वाति 04:53 18:24
26-06-2045 द्वादशी विशाखा 04:53 18:25
27-06-2045 त्रयोदशी अनुराधा 04:54 18:25
28-06-2045 चतुर्दशी ज्येष्ठा 04:54 18:25
29-06-2045 पूर्णिमा मूल 04:54 18:25
30-06-2045 प्रतिपदा पूर्वाषाढ़ा 04:55 18:25

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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