व्रत और त्योहार — फ़रवरी 2004

लखनऊ, Lucknow District, Uttar Pradesh, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
01-02-2004
रविवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत जया एकादशी
03-02-2004
मंगलवार
द्वादशी, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
06-02-2004
शुक्रवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत पूर्णिमा
09-02-2004
सोमवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
13-02-2004
शुक्रवार
सप्तमी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
संक्रांति कुंभ संक्रांति · 12:41
16-02-2004
सोमवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत विजया एकादशी
18-02-2004
बुधवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
त्योहार महाशिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) मेंव्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
20-02-2004
शुक्रवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत अमावस्या
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-02-2004 एकादशी रोहिणी 06:51 17:47
02-02-2004 एकादशी मृगशिरा 06:51 17:48
03-02-2004 द्वादशी आर्द्रा 06:50 17:49
04-02-2004 त्रयोदशी पुनर्वसु 06:50 17:50
05-02-2004 चतुर्दशी पुष्य 06:49 17:50
06-02-2004 पूर्णिमा आश्लेषा 06:49 17:51
07-02-2004 प्रतिपदा मघा 06:48 17:52
08-02-2004 द्वितीया पूर्वा फाल्गुनी 06:48 17:53
09-02-2004 तृतीया उत्तरा फाल्गुनी 06:47 17:53
10-02-2004 चतुर्थी हस्त 06:46 17:54
11-02-2004 पंचमी चित्रा 06:46 17:55
12-02-2004 षष्ठी स्वाति 06:45 17:56
13-02-2004 सप्तमी विशाखा 06:44 17:56
14-02-2004 नवमी अनुराधा 06:43 17:57
15-02-2004 दशमी ज्येष्ठा 06:43 17:58
16-02-2004 एकादशी मूल 06:42 17:58
17-02-2004 द्वादशी पूर्वाषाढ़ा 06:41 17:59
18-02-2004 त्रयोदशी उत्तराषाढ़ा 06:40 18:00
19-02-2004 चतुर्दशी श्रवण 06:39 18:00
20-02-2004 अमावस्या धनिष्ठा 06:39 18:01
21-02-2004 प्रतिपदा शतभिषा 06:38 18:02
22-02-2004 द्वितीया पूर्वा भाद्रपद 06:37 18:02
23-02-2004 तृतीया उत्तरा भाद्रपद 06:36 18:03
24-02-2004 चतुर्थी रेवती 06:35 18:03
25-02-2004 पंचमी अश्विनी 06:34 18:04
26-02-2004 षष्ठी भरणी 06:33 18:05
27-02-2004 सप्तमी कृत्तिका 06:32 18:05
28-02-2004 अष्टमी रोहिणी 06:31 18:06
29-02-2004 नवमी मृगशिरा 06:30 18:07

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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