व्रत और त्योहार — मई 2034

लखनऊ, Lucknow District, Uttar Pradesh, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
03-05-2034
बुधवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
वैशाख
त्योहार बुद्ध पूर्णिमाव्रत पूर्णिमा
07-05-2034
रविवार
चतुर्थी, कृष्ण पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
14-05-2034
रविवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत अपरा एकादशी
15-05-2034
सोमवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
ज्येष्ठ
संक्रांति वृषभ संक्रांति · 07:26
16-05-2034
मंगलवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
18-05-2034
गुरुवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
ज्येष्ठ
त्योहार वट सावित्री व्रत · शनि जयंतीव्रत अमावस्या
27-05-2034
शनिवार
दशमी, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ
त्योहार गंगा दशहरा
28-05-2034
रविवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत निर्जला एकादशी
30-05-2034
मंगलवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-05-2034 त्रयोदशी हस्त 05:28 18:39
02-05-2034 चतुर्दशी चित्रा 05:27 18:39
03-05-2034 पूर्णिमा स्वाति 05:26 18:40
04-05-2034 प्रतिपदा विशाखा 05:25 18:40
05-05-2034 द्वितीया अनुराधा 05:25 18:41
06-05-2034 तृतीया ज्येष्ठा 05:24 18:41
07-05-2034 चतुर्थी मूल 05:23 18:42
08-05-2034 पंचमी मूल 05:22 18:43
09-05-2034 षष्ठी पूर्वाषाढ़ा 05:22 18:43
10-05-2034 सप्तमी उत्तराषाढ़ा 05:21 18:44
11-05-2034 अष्टमी श्रवण 05:21 18:44
12-05-2034 नवमी धनिष्ठा 05:20 18:45
13-05-2034 दशमी शतभिषा 05:19 18:45
14-05-2034 एकादशी पूर्वा भाद्रपद 05:19 18:46
15-05-2034 द्वादशी उत्तरा भाद्रपद 05:18 18:46
16-05-2034 त्रयोदशी अश्विनी 05:18 18:47
17-05-2034 चतुर्दशी भरणी 05:17 18:48
18-05-2034 अमावस्या कृत्तिका 05:17 18:48
19-05-2034 द्वितीया रोहिणी 05:16 18:49
20-05-2034 तृतीया मृगशिरा 05:16 18:49
21-05-2034 चतुर्थी आर्द्रा 05:15 18:50
22-05-2034 पंचमी पुनर्वसु 05:15 18:50
23-05-2034 षष्ठी पुष्य 05:15 18:51
24-05-2034 सप्तमी आश्लेषा 05:14 18:51
25-05-2034 अष्टमी मघा 05:14 18:52
26-05-2034 नवमी पूर्वा फाल्गुनी 05:14 18:52
27-05-2034 दशमी उत्तरा फाल्गुनी 05:13 18:53
28-05-2034 एकादशी हस्त 05:13 18:53
29-05-2034 द्वादशी चित्रा 05:13 18:54
30-05-2034 त्रयोदशी स्वाति 05:12 18:54
31-05-2034 चतुर्दशी विशाखा 05:12 18:55

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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