व्रत और त्योहार — जुलाई 2085

लुधियाना, Ludhiāna, Punjab, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
03-07-2085
मंगलवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
आषाढ़
व्रत देवशयनी एकादशी
05-07-2085
गुरुवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
आषाढ़
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
07-07-2085
शनिवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
आषाढ़
त्योहार गुरु पूर्णिमाव्रत पूर्णिमा
10-07-2085
मंगलवार
चतुर्थी, कृष्ण पक्ष
श्रावण
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
17-07-2085
मंगलवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
श्रावण
व्रत कामिका एकादशीसंक्रांति कर्क संक्रांति · 02:35
18-07-2085
बुधवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
श्रावण
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
19-07-2085
गुरुवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
श्रावण
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
21-07-2085
शनिवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
श्रावण
व्रत अमावस्या
27-07-2085
शुक्रवार
पंचमी, शुक्ल पक्ष
श्रावण
त्योहार नाग पंचमी
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-07-2085 नवमी हस्त 05:27 19:34
02-07-2085 दशमी चित्रा 05:27 19:34
03-07-2085 एकादशी स्वाति 05:27 19:34
04-07-2085 द्वादशी विशाखा 05:28 19:34
05-07-2085 त्रयोदशी अनुराधा 05:28 19:33
06-07-2085 चतुर्दशी मूल 05:29 19:33
07-07-2085 पूर्णिमा पूर्वाषाढ़ा 05:29 19:33
08-07-2085 प्रतिपदा उत्तराषाढ़ा 05:30 19:33
09-07-2085 द्वितीया श्रवण 05:30 19:33
10-07-2085 चतुर्थी धनिष्ठा 05:31 19:32
11-07-2085 पंचमी शतभिषा 05:31 19:32
12-07-2085 षष्ठी पूर्वा भाद्रपद 05:32 19:32
13-07-2085 सप्तमी उत्तरा भाद्रपद 05:32 19:32
14-07-2085 अष्टमी रेवती 05:33 19:31
15-07-2085 नवमी अश्विनी 05:33 19:31
16-07-2085 दशमी भरणी 05:34 19:30
17-07-2085 एकादशी कृत्तिका 05:35 19:30
18-07-2085 द्वादशी रोहिणी 05:35 19:30
19-07-2085 त्रयोदशी मृगशिरा 05:36 19:29
20-07-2085 चतुर्दशी आर्द्रा 05:36 19:29
21-07-2085 अमावस्या पुनर्वसु 05:37 19:28
22-07-2085 प्रतिपदा पुष्य 05:37 19:28
23-07-2085 द्वितीया आश्लेषा 05:38 19:27
24-07-2085 तृतीया मघा 05:39 19:26
25-07-2085 तृतीया पूर्वा फाल्गुनी 05:39 19:26
26-07-2085 चतुर्थी पूर्वा फाल्गुनी 05:40 19:25
27-07-2085 पंचमी उत्तरा फाल्गुनी 05:41 19:25
28-07-2085 षष्ठी हस्त 05:41 19:24
29-07-2085 सप्तमी चित्रा 05:42 19:23
30-07-2085 अष्टमी स्वाति 05:42 19:22
31-07-2085 नवमी विशाखा 05:43 19:22

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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