व्रत और त्योहार — फ़रवरी 2010

मीरत, Meerut, Uttar Pradesh, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
02-02-2010
मंगलवार
चतुर्थी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
09-02-2010
मंगलवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत विजया एकादशी
11-02-2010
गुरुवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
12-02-2010
शुक्रवार
चतुर्दशी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
त्योहार महाशिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
13-02-2010
शनिवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत अमावस्यासंक्रांति कुंभ संक्रांति · 01:37
25-02-2010
गुरुवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
फाल्गुन
व्रत आमलकी एकादशी
26-02-2010
शुक्रवार
द्वादशी, शुक्ल पक्ष
फाल्गुन
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
28-02-2010
रविवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
फाल्गुन
त्योहार होलिका दहन · प्रदोष काल मेंव्रत पूर्णिमा
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-02-2010 तृतीया पूर्वा फाल्गुनी 07:07 17:57
02-02-2010 चतुर्थी उत्तरा फाल्गुनी 07:07 17:58
03-02-2010 पंचमी हस्त 07:06 17:59
04-02-2010 षष्ठी चित्रा 07:06 18:00
05-02-2010 सप्तमी स्वाति 07:05 18:01
06-02-2010 अष्टमी विशाखा 07:04 18:01
07-02-2010 नवमी अनुराधा 07:04 18:02
08-02-2010 दशमी ज्येष्ठा 07:03 18:03
09-02-2010 एकादशी मूल 07:02 18:04
10-02-2010 द्वादशी पूर्वाषाढ़ा 07:01 18:05
11-02-2010 त्रयोदशी पूर्वाषाढ़ा 07:01 18:05
12-02-2010 चतुर्दशी उत्तराषाढ़ा 07:00 18:06
13-02-2010 अमावस्या श्रवण 06:59 18:07
14-02-2010 अमावस्या धनिष्ठा 06:58 18:08
15-02-2010 प्रतिपदा शतभिषा 06:57 18:08
16-02-2010 द्वितीया पूर्वा भाद्रपद 06:57 18:09
17-02-2010 तृतीया उत्तरा भाद्रपद 06:56 18:10
18-02-2010 चतुर्थी रेवती 06:55 18:11
19-02-2010 पंचमी अश्विनी 06:54 18:11
20-02-2010 षष्ठी भरणी 06:53 18:12
21-02-2010 सप्तमी भरणी 06:52 18:13
22-02-2010 अष्टमी कृत्तिका 06:51 18:14
23-02-2010 नवमी रोहिणी 06:50 18:14
24-02-2010 दशमी आर्द्रा 06:49 18:15
25-02-2010 एकादशी पुनर्वसु 06:48 18:16
26-02-2010 द्वादशी पुष्य 06:47 18:16
27-02-2010 चतुर्दशी आश्लेषा 06:46 18:17
28-02-2010 पूर्णिमा मघा 06:45 18:18

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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