व्रत और त्योहार — मार्च 2100

मीरत, Meerut, Uttar Pradesh, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
06-03-2100
शनिवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत विजया एकादशी
08-03-2100
सोमवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
त्योहार महाशिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) मेंव्रत सोम प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
10-03-2100
बुधवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत अमावस्या
16-03-2100
मंगलवार
पंचमी, शुक्ल पक्ष
फाल्गुन
संक्रांति मीन संक्रांति · 00:17
22-03-2100
सोमवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
फाल्गुन
व्रत आमलकी एकादशी
23-03-2100
मंगलवार
द्वादशी, शुक्ल पक्ष
फाल्गुन
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
25-03-2100
गुरुवार
चतुर्दशी, शुक्ल पक्ष
फाल्गुन
त्योहार होलिका दहन · प्रदोष काल में
26-03-2100
शुक्रवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
फाल्गुन
त्योहार होलीव्रत पूर्णिमा
28-03-2100
रविवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
चैत्र
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-03-2100 षष्ठी स्वाति 06:44 18:18
02-03-2100 सप्तमी विशाखा 06:43 18:19
03-03-2100 अष्टमी अनुराधा 06:42 18:20
04-03-2100 नवमी ज्येष्ठा 06:41 18:20
05-03-2100 दशमी मूल 06:40 18:21
06-03-2100 एकादशी पूर्वाषाढ़ा 06:39 18:22
07-03-2100 द्वादशी उत्तराषाढ़ा 06:37 18:22
08-03-2100 त्रयोदशी श्रवण 06:36 18:23
09-03-2100 चतुर्दशी धनिष्ठा 06:35 18:23
10-03-2100 अमावस्या शतभिषा 06:34 18:24
11-03-2100 प्रतिपदा पूर्वा भाद्रपद 06:33 18:25
12-03-2100 द्वितीया उत्तरा भाद्रपद 06:32 18:25
13-03-2100 द्वितीया रेवती 06:31 18:26
14-03-2100 तृतीया अश्विनी 06:30 18:27
15-03-2100 चतुर्थी भरणी 06:28 18:27
16-03-2100 पंचमी भरणी 06:27 18:28
17-03-2100 षष्ठी कृत्तिका 06:26 18:28
18-03-2100 सप्तमी रोहिणी 06:25 18:29
19-03-2100 अष्टमी मृगशिरा 06:24 18:29
20-03-2100 नवमी आर्द्रा 06:23 18:30
21-03-2100 दशमी पुनर्वसु 06:21 18:31
22-03-2100 एकादशी पुष्य 06:20 18:31
23-03-2100 द्वादशी आश्लेषा 06:19 18:32
24-03-2100 त्रयोदशी मघा 06:18 18:32
25-03-2100 चतुर्दशी पूर्वा फाल्गुनी 06:17 18:33
26-03-2100 पूर्णिमा उत्तरा फाल्गुनी 06:16 18:34
27-03-2100 द्वितीया चित्रा 06:14 18:34
28-03-2100 तृतीया स्वाति 06:13 18:35
29-03-2100 चतुर्थी विशाखा 06:12 18:35
30-03-2100 पंचमी अनुराधा 06:11 18:36
31-03-2100 षष्ठी ज्येष्ठा 06:10 18:36

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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