व्रत और त्योहार — फ़रवरी 1944
नवमुम्बई, Thane, Maharashtra, India
इस माह
| तिथि | सूर्योदय पर तिथि | व्रत / त्योहार |
|---|---|---|
| 04-02-1944 शुक्रवार |
एकादशी, शुक्ल पक्ष माघ |
व्रत जया एकादशी |
| 06-02-1944 रविवार |
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष माघ |
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में |
| 09-02-1944 बुधवार |
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष माघ |
व्रत पूर्णिमा |
| 12-02-1944 शनिवार |
तृतीया, कृष्ण पक्ष फाल्गुन |
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर |
| 13-02-1944 रविवार |
चतुर्थी, कृष्ण पक्ष फाल्गुन |
संक्रांति कुंभ संक्रांति · 04:17 |
| 20-02-1944 रविवार |
एकादशी, कृष्ण पक्ष फाल्गुन |
व्रत विजया एकादशी |
| 21-02-1944 सोमवार |
द्वादशी, कृष्ण पक्ष फाल्गुन |
व्रत सोम प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में |
| 22-02-1944 मंगलवार |
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष फाल्गुन |
त्योहार महाशिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में |
| 24-02-1944 गुरुवार |
अमावस्या, कृष्ण पक्ष फाल्गुन |
व्रत अमावस्या |
माह के सभी दिन
| तिथि | तिथि | नक्षत्र | सूर्योदय | सूर्यास्त |
|---|---|---|---|---|
| 01-02-1944 | अष्टमी | भरणी | 08:12 | 19:30 |
| 02-02-1944 | नवमी | कृत्तिका | 08:12 | 19:31 |
| 03-02-1944 | दशमी | रोहिणी | 08:11 | 19:31 |
| 04-02-1944 | एकादशी | मृगशिरा | 08:11 | 19:32 |
| 05-02-1944 | द्वादशी | मृगशिरा | 08:11 | 19:32 |
| 06-02-1944 | त्रयोदशी | आर्द्रा | 08:10 | 19:33 |
| 07-02-1944 | चतुर्दशी | पुनर्वसु | 08:10 | 19:33 |
| 08-02-1944 | चतुर्दशी | पुष्य | 08:10 | 19:34 |
| 09-02-1944 | पूर्णिमा | आश्लेषा | 08:09 | 19:35 |
| 10-02-1944 | प्रतिपदा | मघा | 08:09 | 19:35 |
| 11-02-1944 | द्वितीया | पूर्वा फाल्गुनी | 08:08 | 19:35 |
| 12-02-1944 | तृतीया | उत्तरा फाल्गुनी | 08:08 | 19:36 |
| 13-02-1944 | चतुर्थी | हस्त | 08:07 | 19:36 |
| 14-02-1944 | पंचमी | चित्रा | 08:07 | 19:37 |
| 15-02-1944 | षष्ठी | चित्रा | 08:06 | 19:37 |
| 16-02-1944 | सप्तमी | स्वाति | 08:06 | 19:38 |
| 17-02-1944 | अष्टमी | विशाखा | 08:05 | 19:38 |
| 18-02-1944 | नवमी | अनुराधा | 08:05 | 19:39 |
| 19-02-1944 | दशमी | ज्येष्ठा | 08:04 | 19:39 |
| 20-02-1944 | एकादशी | मूल | 08:04 | 19:40 |
| 21-02-1944 | द्वादशी | पूर्वाषाढ़ा | 08:03 | 19:40 |
| 22-02-1944 | त्रयोदशी | श्रवण | 08:02 | 19:40 |
| 23-02-1944 | चतुर्दशी | धनिष्ठा | 08:02 | 19:41 |
| 24-02-1944 | अमावस्या | शतभिषा | 08:01 | 19:41 |
| 25-02-1944 | द्वितीया | पूर्वा भाद्रपद | 08:00 | 19:41 |
| 26-02-1944 | तृतीया | उत्तरा भाद्रपद | 08:00 | 19:42 |
| 27-02-1944 | चतुर्थी | रेवती | 07:59 | 19:42 |
| 28-02-1944 | पंचमी | अश्विनी | 07:58 | 19:43 |
| 29-02-1944 | षष्ठी | भरणी | 07:58 | 19:43 |
मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।