व्रत और त्योहार — मार्च 2086

नवमुम्बई, Thane, Maharashtra, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
01-03-2086
शुक्रवार
प्रतिपदा, कृष्ण पक्ष
चैत्र
त्योहार होली
04-03-2086
सोमवार
चतुर्थी, कृष्ण पक्ष
चैत्र
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
11-03-2086
सोमवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
चैत्र
व्रत पापमोचनी एकादशी
13-03-2086
बुधवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
चैत्र
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल मेंव्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
15-03-2086
शुक्रवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
चैत्र
व्रत अमावस्यासंक्रांति मीन संक्रांति · 10:13
25-03-2086
सोमवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
चैत्र (अधिक)
व्रत पद्मिनी एकादशी
27-03-2086
बुधवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
चैत्र (अधिक)
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
30-03-2086
शनिवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
चैत्र (अधिक)
व्रत पूर्णिमा
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-03-2086 प्रतिपदा पूर्वा फाल्गुनी 06:56 18:43
02-03-2086 द्वितीया उत्तरा फाल्गुनी 06:56 18:44
03-03-2086 तृतीया हस्त 06:55 18:44
04-03-2086 चतुर्थी चित्रा 06:54 18:44
05-03-2086 पंचमी स्वाति 06:53 18:44
06-03-2086 षष्ठी विशाखा 06:53 18:45
07-03-2086 षष्ठी अनुराधा 06:52 18:45
08-03-2086 सप्तमी अनुराधा 06:51 18:45
09-03-2086 अष्टमी ज्येष्ठा 06:50 18:46
10-03-2086 नवमी मूल 06:49 18:46
11-03-2086 एकादशी पूर्वाषाढ़ा 06:49 18:46
12-03-2086 द्वादशी श्रवण 06:48 18:47
13-03-2086 त्रयोदशी धनिष्ठा 06:47 18:47
14-03-2086 चतुर्दशी शतभिषा 06:46 18:47
15-03-2086 अमावस्या पूर्वा भाद्रपद 06:45 18:47
16-03-2086 प्रतिपदा उत्तरा भाद्रपद 06:45 18:48
17-03-2086 तृतीया रेवती 06:44 18:48
18-03-2086 चतुर्थी अश्विनी 06:43 18:48
19-03-2086 पंचमी भरणी 06:42 18:48
20-03-2086 षष्ठी कृत्तिका 06:41 18:49
21-03-2086 सप्तमी रोहिणी 06:40 18:49
22-03-2086 अष्टमी मृगशिरा 06:40 18:49
23-03-2086 नवमी आर्द्रा 06:39 18:49
24-03-2086 दशमी पुनर्वसु 06:38 18:50
25-03-2086 एकादशी पुष्य 06:37 18:50
26-03-2086 द्वादशी आश्लेषा 06:36 18:50
27-03-2086 त्रयोदशी मघा 06:35 18:50
28-03-2086 त्रयोदशी पूर्वा फाल्गुनी 06:34 18:51
29-03-2086 चतुर्दशी उत्तरा फाल्गुनी 06:34 18:51
30-03-2086 पूर्णिमा हस्त 06:33 18:51
31-03-2086 प्रतिपदा चित्रा 06:32 18:51

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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