व्रत और त्योहार — जनवरी 2037

पटना, Patna, Bihar, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
02-01-2037
शुक्रवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत पूर्णिमा
12-01-2037
सोमवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत षटतिला एकादशी
13-01-2037
मंगलवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
14-01-2037
बुधवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) मेंसंक्रांति मकर संक्रांति · 10:46
16-01-2037
शुक्रवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत अमावस्या
21-01-2037
बुधवार
पंचमी, शुक्ल पक्ष
माघ
त्योहार वसंत पंचमी
28-01-2037
बुधवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत जया एकादशी
29-01-2037
गुरुवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
31-01-2037
शनिवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत पूर्णिमा
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-01-2037 चतुर्दशी मृगशिरा 06:35 17:10
02-01-2037 पूर्णिमा आर्द्रा 06:35 17:11
03-01-2037 द्वितीया पुनर्वसु 06:36 17:12
04-01-2037 तृतीया पुष्य 06:36 17:12
05-01-2037 चतुर्थी मघा 06:36 17:13
06-01-2037 पंचमी पूर्वा फाल्गुनी 06:36 17:14
07-01-2037 षष्ठी उत्तरा फाल्गुनी 06:36 17:14
08-01-2037 सप्तमी हस्त 06:36 17:15
09-01-2037 अष्टमी चित्रा 06:36 17:16
10-01-2037 नवमी स्वाति 06:37 17:17
11-01-2037 दशमी विशाखा 06:37 17:17
12-01-2037 एकादशी अनुराधा 06:37 17:18
13-01-2037 द्वादशी ज्येष्ठा 06:37 17:19
14-01-2037 त्रयोदशी मूल 06:37 17:20
15-01-2037 चतुर्दशी पूर्वाषाढ़ा 06:37 17:20
16-01-2037 अमावस्या उत्तराषाढ़ा 06:37 17:21
17-01-2037 प्रतिपदा श्रवण 06:36 17:22
18-01-2037 द्वितीया श्रवण 06:36 17:23
19-01-2037 तृतीया धनिष्ठा 06:36 17:23
20-01-2037 चतुर्थी शतभिषा 06:36 17:24
21-01-2037 पंचमी पूर्वा भाद्रपद 06:36 17:25
22-01-2037 षष्ठी उत्तरा भाद्रपद 06:36 17:26
23-01-2037 सप्तमी रेवती 06:35 17:26
24-01-2037 सप्तमी अश्विनी 06:35 17:27
25-01-2037 अष्टमी भरणी 06:35 17:28
26-01-2037 नवमी कृत्तिका 06:35 17:29
27-01-2037 दशमी रोहिणी 06:34 17:29
28-01-2037 एकादशी मृगशिरा 06:34 17:30
29-01-2037 त्रयोदशी आर्द्रा 06:33 17:31
30-01-2037 चतुर्दशी पुनर्वसु 06:33 17:32
31-01-2037 पूर्णिमा पुष्य 06:33 17:32

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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