व्रत और त्योहार — मई 2043

पटना, Patna, Bihar, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
05-05-2043
मंगलवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
वैशाख
व्रत वरूथिनी एकादशी
07-05-2043
गुरुवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
वैशाख
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
09-05-2043
शनिवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
वैशाख
व्रत अमावस्या
11-05-2043
सोमवार
तृतीया, शुक्ल पक्ष
वैशाख
त्योहार अक्षय तृतीया
15-05-2043
शुक्रवार
सप्तमी, शुक्ल पक्ष
वैशाख
संक्रांति वृषभ संक्रांति · 14:41
19-05-2043
मंगलवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
वैशाख
व्रत मोहिनी एकादशी
21-05-2043
गुरुवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
वैशाख
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
23-05-2043
शनिवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
वैशाख
त्योहार बुद्ध पूर्णिमाव्रत पूर्णिमा
27-05-2043
बुधवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-05-2043 सप्तमी उत्तराषाढ़ा 05:13 18:20
02-05-2043 अष्टमी श्रवण 05:12 18:20
03-05-2043 नवमी धनिष्ठा 05:11 18:21
04-05-2043 दशमी शतभिषा 05:10 18:21
05-05-2043 एकादशी पूर्वा भाद्रपद 05:10 18:22
06-05-2043 द्वादशी उत्तरा भाद्रपद 05:09 18:23
07-05-2043 त्रयोदशी रेवती 05:08 18:23
08-05-2043 चतुर्दशी अश्विनी 05:08 18:24
09-05-2043 अमावस्या भरणी 05:07 18:24
10-05-2043 द्वितीया कृत्तिका 05:06 18:25
11-05-2043 तृतीया रोहिणी 05:06 18:25
12-05-2043 चतुर्थी आर्द्रा 05:05 18:26
13-05-2043 पंचमी पुनर्वसु 05:05 18:26
14-05-2043 षष्ठी पुष्य 05:04 18:27
15-05-2043 सप्तमी आश्लेषा 05:04 18:27
16-05-2043 अष्टमी मघा 05:03 18:28
17-05-2043 नवमी पूर्वा फाल्गुनी 05:03 18:28
18-05-2043 दशमी उत्तरा फाल्गुनी 05:02 18:29
19-05-2043 एकादशी उत्तरा फाल्गुनी 05:02 18:29
20-05-2043 द्वादशी हस्त 05:01 18:30
21-05-2043 त्रयोदशी चित्रा 05:01 18:30
22-05-2043 चतुर्दशी स्वाति 05:01 18:31
23-05-2043 पूर्णिमा विशाखा 05:00 18:32
24-05-2043 पूर्णिमा अनुराधा 05:00 18:32
25-05-2043 प्रतिपदा ज्येष्ठा 05:00 18:33
26-05-2043 द्वितीया मूल 04:59 18:33
27-05-2043 तृतीया पूर्वाषाढ़ा 04:59 18:34
28-05-2043 चतुर्थी पूर्वाषाढ़ा 04:59 18:34
29-05-2043 पंचमी उत्तराषाढ़ा 04:58 18:35
30-05-2043 षष्ठी श्रवण 04:58 18:35
31-05-2043 सप्तमी धनिष्ठा 04:58 18:35

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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