व्रत और त्योहार — जून 2066

पटना, Patna, Bihar, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
03-06-2066
गुरुवार
दशमी, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ
त्योहार गंगा दशहरा
04-06-2066
शुक्रवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत निर्जला एकादशी
05-06-2066
शनिवार
द्वादशी, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत शनि प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
08-06-2066
मंगलवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत पूर्णिमा
15-06-2066
मंगलवार
अष्टमी, कृष्ण पक्ष
आषाढ़
संक्रांति मिथुन संक्रांति · 18:51
18-06-2066
शुक्रवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
आषाढ़
व्रत योगिनी एकादशी
19-06-2066
शनिवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
आषाढ़
व्रत शनि प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
20-06-2066
रविवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
आषाढ़
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
22-06-2066
मंगलवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
आषाढ़
व्रत अमावस्या
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-06-2066 अष्टमी मघा 04:58 18:36
02-06-2066 नवमी पूर्वा फाल्गुनी 04:58 18:37
03-06-2066 दशमी उत्तरा फाल्गुनी 04:58 18:37
04-06-2066 एकादशी हस्त 04:57 18:38
05-06-2066 द्वादशी चित्रा 04:57 18:38
06-06-2066 त्रयोदशी विशाखा 04:57 18:38
07-06-2066 चतुर्दशी अनुराधा 04:57 18:39
08-06-2066 पूर्णिमा ज्येष्ठा 04:57 18:39
09-06-2066 द्वितीया मूल 04:57 18:40
10-06-2066 तृतीया पूर्वाषाढ़ा 04:57 18:40
11-06-2066 चतुर्थी उत्तराषाढ़ा 04:57 18:40
12-06-2066 पंचमी श्रवण 04:57 18:41
13-06-2066 षष्ठी धनिष्ठा 04:57 18:41
14-06-2066 सप्तमी शतभिषा 04:57 18:41
15-06-2066 अष्टमी पूर्वा भाद्रपद 04:58 18:42
16-06-2066 नवमी उत्तरा भाद्रपद 04:58 18:42
17-06-2066 दशमी रेवती 04:58 18:42
18-06-2066 एकादशी अश्विनी 04:58 18:42
19-06-2066 द्वादशी भरणी 04:58 18:43
20-06-2066 त्रयोदशी कृत्तिका 04:58 18:43
21-06-2066 चतुर्दशी रोहिणी 04:59 18:43
22-06-2066 अमावस्या मृगशिरा 04:59 18:43
23-06-2066 प्रतिपदा आर्द्रा 04:59 18:44
24-06-2066 द्वितीया पुनर्वसु 04:59 18:44
25-06-2066 द्वितीया पुनर्वसु 05:00 18:44
26-06-2066 तृतीया पुष्य 05:00 18:44
27-06-2066 चतुर्थी आश्लेषा 05:00 18:44
28-06-2066 पंचमी मघा 05:00 18:44
29-06-2066 षष्ठी पूर्वा फाल्गुनी 05:01 18:44
30-06-2066 सप्तमी उत्तरा फाल्गुनी 05:01 18:44

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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