व्रत और त्योहार — दिसंबर 2072

पटना, Patna, Bihar, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
07-12-2072
बुधवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
08-12-2072
गुरुवार
चतुर्दशी, कृष्ण पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
09-12-2072
शुक्रवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत अमावस्या
16-12-2072
शुक्रवार
सप्तमी, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
संक्रांति धनु संक्रांति · 05:34
21-12-2072
बुधवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
त्योहार गीता जयंतीव्रत मोक्षदा एकादशी
22-12-2072
गुरुवार
द्वादशी, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
25-12-2072
रविवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत पूर्णिमा
28-12-2072
बुधवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-12-2072 षष्ठी आश्लेषा 06:18 16:58
02-12-2072 सप्तमी मघा 06:19 16:58
03-12-2072 अष्टमी पूर्वा फाल्गुनी 06:20 16:58
04-12-2072 नवमी उत्तरा फाल्गुनी 06:20 16:58
05-12-2072 दशमी हस्त 06:21 16:58
06-12-2072 द्वादशी चित्रा 06:22 16:59
07-12-2072 त्रयोदशी स्वाति 06:22 16:59
08-12-2072 चतुर्दशी विशाखा 06:23 16:59
09-12-2072 अमावस्या अनुराधा 06:24 16:59
10-12-2072 प्रतिपदा ज्येष्ठा 06:24 16:59
11-12-2072 द्वितीया मूल 06:25 17:00
12-12-2072 तृतीया पूर्वाषाढ़ा 06:26 17:00
13-12-2072 चतुर्थी उत्तराषाढ़ा 06:26 17:00
14-12-2072 पंचमी श्रवण 06:27 17:01
15-12-2072 षष्ठी धनिष्ठा 06:27 17:01
16-12-2072 सप्तमी शतभिषा 06:28 17:01
17-12-2072 अष्टमी पूर्वा भाद्रपद 06:29 17:02
18-12-2072 अष्टमी उत्तरा भाद्रपद 06:29 17:02
19-12-2072 नवमी रेवती 06:30 17:03
20-12-2072 दशमी अश्विनी 06:30 17:03
21-12-2072 एकादशी भरणी 06:31 17:04
22-12-2072 द्वादशी भरणी 06:31 17:04
23-12-2072 त्रयोदशी कृत्तिका 06:32 17:05
24-12-2072 चतुर्दशी रोहिणी 06:32 17:05
25-12-2072 पूर्णिमा मृगशिरा 06:33 17:06
26-12-2072 प्रतिपदा आर्द्रा 06:33 17:06
27-12-2072 द्वितीया पुष्य 06:33 17:07
28-12-2072 तृतीया आश्लेषा 06:34 17:08
29-12-2072 पंचमी मघा 06:34 17:08
30-12-2072 षष्ठी पूर्वा फाल्गुनी 06:34 17:09
31-12-2072 सप्तमी उत्तरा फाल्गुनी 06:35 17:10

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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