व्रत और त्योहार — दिसंबर 1944

पिंपरी चिंचवड, Pune Division, Maharashtra, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
03-12-1944
रविवार
चतुर्थी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
11-12-1944
सोमवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत सफला एकादशी
12-12-1944
मंगलवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
13-12-1944
बुधवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
15-12-1944
शुक्रवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत अमावस्यासंक्रांति धनु संक्रांति · 10:44
25-12-1944
सोमवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत पौष पुत्रदा एकादशी
27-12-1944
बुधवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
29-12-1944
शुक्रवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत पूर्णिमा
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-12-1944 द्वितीया मृगशिरा 07:50 18:56
02-12-1944 तृतीया आर्द्रा 07:51 18:57
03-12-1944 चतुर्थी पुनर्वसु 07:51 18:57
04-12-1944 पंचमी पुष्य 07:52 18:57
05-12-1944 षष्ठी आश्लेषा 07:53 18:57
06-12-1944 सप्तमी मघा 07:53 18:57
07-12-1944 सप्तमी पूर्वा फाल्गुनी 07:54 18:58
08-12-1944 अष्टमी उत्तरा फाल्गुनी 07:54 18:58
09-12-1944 नवमी उत्तरा फाल्गुनी 07:55 18:58
10-12-1944 दशमी हस्त 07:56 18:58
11-12-1944 एकादशी चित्रा 07:56 18:59
12-12-1944 द्वादशी स्वाति 07:57 18:59
13-12-1944 त्रयोदशी विशाखा 07:57 18:59
14-12-1944 चतुर्दशी अनुराधा 07:58 19:00
15-12-1944 अमावस्या ज्येष्ठा 07:59 19:00
16-12-1944 प्रतिपदा मूल 07:59 19:01
17-12-1944 द्वितीया पूर्वाषाढ़ा 08:00 19:01
18-12-1944 तृतीया उत्तराषाढ़ा 08:00 19:02
19-12-1944 चतुर्थी श्रवण 08:01 19:02
20-12-1944 पंचमी धनिष्ठा 08:01 19:02
21-12-1944 षष्ठी शतभिषा 08:02 19:03
22-12-1944 सप्तमी पूर्वा भाद्रपद 08:02 19:03
23-12-1944 अष्टमी उत्तरा भाद्रपद 08:03 19:04
24-12-1944 दशमी रेवती 08:03 19:05
25-12-1944 एकादशी अश्विनी 08:04 19:05
26-12-1944 द्वादशी भरणी 08:04 19:06
27-12-1944 त्रयोदशी कृत्तिका 08:05 19:06
28-12-1944 चतुर्दशी मृगशिरा 08:05 19:07
29-12-1944 पूर्णिमा आर्द्रा 08:05 19:07
30-12-1944 प्रतिपदा पुनर्वसु 08:06 19:08
31-12-1944 द्वितीया पुष्य 08:06 19:08

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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