व्रत और त्योहार — फ़रवरी 2044

पुणे, Pune Division, Maharashtra, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
04-02-2044
गुरुवार
पंचमी, शुक्ल पक्ष
माघ
त्योहार वसंत पंचमी
09-02-2044
मंगलवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत जया एकादशी
13-02-2044
शनिवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत पूर्णिमासंक्रांति कुंभ संक्रांति · 18:46
16-02-2044
मंगलवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
24-02-2044
बुधवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत विजया एकादशी
26-02-2044
शुक्रवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
27-02-2044
शनिवार
चतुर्दशी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
त्योहार महाशिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
28-02-2044
रविवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत अमावस्या
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-02-2044 द्वितीया शतभिषा 07:07 18:28
02-02-2044 तृतीया पूर्वा भाद्रपद 07:07 18:28
03-02-2044 चतुर्थी उत्तरा भाद्रपद 07:07 18:29
04-02-2044 पंचमी रेवती 07:07 18:29
05-02-2044 षष्ठी अश्विनी 07:06 18:30
06-02-2044 सप्तमी भरणी 07:06 18:30
07-02-2044 नवमी कृत्तिका 07:06 18:31
08-02-2044 दशमी रोहिणी 07:05 18:31
09-02-2044 एकादशी मृगशिरा 07:05 18:32
10-02-2044 द्वादशी आर्द्रा 07:04 18:32
11-02-2044 त्रयोदशी पुनर्वसु 07:04 18:33
12-02-2044 चतुर्दशी पुष्य 07:03 18:33
13-02-2044 पूर्णिमा आश्लेषा 07:03 18:34
14-02-2044 प्रतिपदा मघा 07:02 18:34
15-02-2044 द्वितीया पूर्वा फाल्गुनी 07:02 18:35
16-02-2044 तृतीया उत्तरा फाल्गुनी 07:01 18:35
17-02-2044 चतुर्थी हस्त 07:01 18:36
18-02-2044 पंचमी चित्रा 07:00 18:36
19-02-2044 षष्ठी स्वाति 07:00 18:36
20-02-2044 सप्तमी विशाखा 06:59 18:37
21-02-2044 अष्टमी अनुराधा 06:59 18:37
22-02-2044 नवमी ज्येष्ठा 06:58 18:37
23-02-2044 दशमी मूल 06:57 18:38
24-02-2044 एकादशी पूर्वाषाढ़ा 06:57 18:38
25-02-2044 द्वादशी उत्तराषाढ़ा 06:56 18:39
26-02-2044 त्रयोदशी उत्तराषाढ़ा 06:55 18:39
27-02-2044 चतुर्दशी श्रवण 06:55 18:39
28-02-2044 अमावस्या धनिष्ठा 06:54 18:40
29-02-2044 प्रतिपदा शतभिषा 06:53 18:40

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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