व्रत और त्योहार — अगस्त 2037

Rājkot, Gujarat, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
07-08-2037
शुक्रवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
श्रावण
व्रत कामिका एकादशी
09-08-2037
रविवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
श्रावण
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल मेंव्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
11-08-2037
मंगलवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
श्रावण
व्रत अमावस्या
15-08-2037
शनिवार
पंचमी, शुक्ल पक्ष
श्रावण
त्योहार नाग पंचमी
17-08-2037
सोमवार
सप्तमी, शुक्ल पक्ष
श्रावण
संक्रांति सिंह संक्रांति · 03:40
21-08-2037
शुक्रवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
श्रावण
व्रत श्रावण पुत्रदा एकादशी
22-08-2037
शनिवार
द्वादशी, शुक्ल पक्ष
श्रावण
व्रत शनि प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
25-08-2037
मंगलवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
श्रावण
त्योहार रक्षा बंधनव्रत पूर्णिमा
29-08-2037
शनिवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
भाद्रपद
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-08-2037 पंचमी उत्तरा भाद्रपद 06:18 19:27
02-08-2037 षष्ठी रेवती 06:19 19:26
03-08-2037 सप्तमी अश्विनी 06:19 19:26
04-08-2037 अष्टमी भरणी 06:19 19:25
05-08-2037 नवमी कृत्तिका 06:20 19:25
06-08-2037 दशमी कृत्तिका 06:20 19:24
07-08-2037 एकादशी रोहिणी 06:21 19:23
08-08-2037 द्वादशी मृगशिरा 06:21 19:23
09-08-2037 त्रयोदशी आर्द्रा 06:21 19:22
10-08-2037 चतुर्दशी पुष्य 06:22 19:21
11-08-2037 अमावस्या आश्लेषा 06:22 19:21
12-08-2037 प्रतिपदा मघा 06:22 19:20
13-08-2037 द्वितीया पूर्वा फाल्गुनी 06:23 19:19
14-08-2037 चतुर्थी उत्तरा फाल्गुनी 06:23 19:19
15-08-2037 पंचमी हस्त 06:24 19:18
16-08-2037 षष्ठी चित्रा 06:24 19:17
17-08-2037 सप्तमी स्वाति 06:24 19:16
18-08-2037 अष्टमी विशाखा 06:25 19:15
19-08-2037 नवमी अनुराधा 06:25 19:15
20-08-2037 दशमी ज्येष्ठा 06:25 19:14
21-08-2037 एकादशी मूल 06:26 19:13
22-08-2037 द्वादशी पूर्वाषाढ़ा 06:26 19:12
23-08-2037 त्रयोदशी उत्तराषाढ़ा 06:26 19:11
24-08-2037 चतुर्दशी श्रवण 06:27 19:10
25-08-2037 पूर्णिमा धनिष्ठा 06:27 19:10
26-08-2037 प्रतिपदा शतभिषा 06:27 19:09
27-08-2037 द्वितीया पूर्वा भाद्रपद 06:27 19:08
28-08-2037 तृतीया उत्तरा भाद्रपद 06:28 19:07
29-08-2037 तृतीया रेवती 06:28 19:06
30-08-2037 चतुर्थी रेवती 06:28 19:05
31-08-2037 पंचमी अश्विनी 06:29 19:04

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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