व्रत और त्योहार — जनवरी 2045

Rājkot, Gujarat, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
01-01-2045
रविवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
03-01-2045
मंगलवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत पूर्णिमा
06-01-2045
शुक्रवार
चतुर्थी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
13-01-2045
शुक्रवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत षटतिला एकादशी
14-01-2045
शनिवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
माघ
संक्रांति मकर संक्रांति · 12:01
15-01-2045
रविवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
16-01-2045
सोमवार
चतुर्दशी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
17-01-2045
मंगलवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत अमावस्या
23-01-2045
सोमवार
पंचमी, शुक्ल पक्ष
माघ
त्योहार वसंत पंचमी
29-01-2045
रविवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत जया एकादशी
30-01-2045
सोमवार
द्वादशी, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत सोम प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-01-2045 त्रयोदशी रोहिणी 07:26 18:14
02-01-2045 चतुर्दशी मृगशिरा 07:26 18:15
03-01-2045 पूर्णिमा आर्द्रा 07:26 18:16
04-01-2045 प्रतिपदा पुनर्वसु 07:27 18:16
05-01-2045 द्वितीया पुष्य 07:27 18:17
06-01-2045 चतुर्थी आश्लेषा 07:27 18:18
07-01-2045 पंचमी पूर्वा फाल्गुनी 07:27 18:18
08-01-2045 षष्ठी उत्तरा फाल्गुनी 07:27 18:19
09-01-2045 सप्तमी हस्त 07:27 18:20
10-01-2045 अष्टमी चित्रा 07:28 18:20
11-01-2045 नवमी स्वाति 07:28 18:21
12-01-2045 दशमी विशाखा 07:28 18:22
13-01-2045 एकादशी विशाखा 07:28 18:22
14-01-2045 द्वादशी अनुराधा 07:28 18:23
15-01-2045 त्रयोदशी ज्येष्ठा 07:28 18:24
16-01-2045 चतुर्दशी मूल 07:28 18:24
17-01-2045 अमावस्या पूर्वाषाढ़ा 07:28 18:25
18-01-2045 अमावस्या उत्तराषाढ़ा 07:28 18:26
19-01-2045 प्रतिपदा श्रवण 07:28 18:27
20-01-2045 द्वितीया धनिष्ठा 07:28 18:27
21-01-2045 तृतीया शतभिषा 07:28 18:28
22-01-2045 चतुर्थी पूर्वा भाद्रपद 07:27 18:29
23-01-2045 पंचमी पूर्वा भाद्रपद 07:27 18:29
24-01-2045 षष्ठी उत्तरा भाद्रपद 07:27 18:30
25-01-2045 सप्तमी रेवती 07:27 18:31
26-01-2045 अष्टमी अश्विनी 07:27 18:31
27-01-2045 नवमी भरणी 07:26 18:32
28-01-2045 दशमी कृत्तिका 07:26 18:33
29-01-2045 एकादशी रोहिणी 07:26 18:33
30-01-2045 द्वादशी मृगशिरा 07:25 18:34
31-01-2045 त्रयोदशी पुनर्वसु 07:25 18:35

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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