व्रत और त्योहार — जनवरी 1938

Rasapūdipalem, Visākhapatnam, Andhra Pradesh, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
01-01-1938
शनिवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत अमावस्या
12-01-1938
बुधवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत पौष पुत्रदा एकादशी
14-01-1938
शुक्रवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल मेंसंक्रांति मकर संक्रांति · 01:20
16-01-1938
रविवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत पूर्णिमा
19-01-1938
बुधवार
चतुर्थी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
27-01-1938
गुरुवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत षटतिला एकादशी
28-01-1938
शुक्रवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
29-01-1938
शनिवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
31-01-1938
सोमवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत अमावस्या
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-01-1938 अमावस्या मूल 06:27 17:32
02-01-1938 प्रतिपदा पूर्वाषाढ़ा 06:27 17:33
03-01-1938 द्वितीया उत्तराषाढ़ा 06:27 17:34
04-01-1938 तृतीया श्रवण 06:28 17:34
05-01-1938 चतुर्थी धनिष्ठा 06:28 17:35
06-01-1938 चतुर्थी शतभिषा 06:28 17:36
07-01-1938 पंचमी पूर्वा भाद्रपद 06:29 17:36
08-01-1938 षष्ठी उत्तरा भाद्रपद 06:29 17:37
09-01-1938 सप्तमी रेवती 06:29 17:37
10-01-1938 अष्टमी अश्विनी 06:29 17:38
11-01-1938 दशमी भरणी 06:30 17:39
12-01-1938 एकादशी कृत्तिका 06:30 17:39
13-01-1938 द्वादशी रोहिणी 06:30 17:40
14-01-1938 त्रयोदशी मृगशिरा 06:30 17:41
15-01-1938 चतुर्दशी आर्द्रा 06:30 17:41
16-01-1938 पूर्णिमा पुनर्वसु 06:30 17:42
17-01-1938 प्रतिपदा पुष्य 06:30 17:42
18-01-1938 तृतीया आश्लेषा 06:30 17:43
19-01-1938 चतुर्थी पूर्वा फाल्गुनी 06:30 17:44
20-01-1938 पंचमी उत्तरा फाल्गुनी 06:30 17:44
21-01-1938 षष्ठी हस्त 06:30 17:45
22-01-1938 सप्तमी चित्रा 06:30 17:45
23-01-1938 अष्टमी चित्रा 06:30 17:46
24-01-1938 नवमी स्वाति 06:30 17:47
25-01-1938 दशमी विशाखा 06:30 17:47
26-01-1938 दशमी अनुराधा 06:30 17:48
27-01-1938 एकादशी ज्येष्ठा 06:30 17:48
28-01-1938 द्वादशी मूल 06:30 17:49
29-01-1938 त्रयोदशी पूर्वाषाढ़ा 06:29 17:49
30-01-1938 चतुर्दशी उत्तराषाढ़ा 06:29 17:50
31-01-1938 अमावस्या श्रवण 06:29 17:51

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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